दुनिया भर में 14 करोड़ बच्चे भुखमरी और अनाथपन के शिकार, यूनिसेफ की रिपोर्ट ने खोली हकीकत

Praggya Singh sabal7 August 20262 min read65 viewsWorld
दुनिया भर में 14 करोड़ बच्चे भुखमरी और अनाथपन के शिकार, यूनिसेफ की रिपोर्ट ने खोली हकीकत

दुनिया भर में अनाथ बच्चों की स्थिति काफी चिंताजनक बनी हुई है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर 14 करोड़ से अधिक बच्चे अनाथ जीवन जीने को मजबूर हैं। ये बच्चे युद्ध, प्राकृतिक आपदाओं, बीमारियों और गरीबी के कारण अपने माता-पिता के साये से वंचित हो गए हैं। संयुक्त राष्ट्र और यूनिसेफ की रिपोर्ट्स बताती हैं कि इन बच्चों का भविष्य अंधकारमय है और इन्हें बुनियादी अधिकारों की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है।

दुनिया भर में बच्चों की स्थिति

अनाथ बच्चों की सबसे अधिक संख्या एशिया में है, जहां लगभग 6.1 करोड़ बच्चे इस संकट से जूझ रहे हैं। इसके बाद अफ्रीका में 5.2 करोड़, लैटिन अमेरिका और कैरिबियन में 1 करोड़, और पूर्वी यूरोप व मध्य एशिया में लगभग 73 लाख बच्चे अनाथ हैं। यूनिसेफ के अनुसार, दुनिया के संघर्ष-प्रभावित देशों जैसे सूडान, यूक्रेन, म्यांमार और फिलिस्तीन में रहने वाले 46 करोड़ से अधिक बच्चे लगातार शारीरिक और मानसिक खतरों का सामना कर रहे हैं। इन क्षेत्रों में युद्ध और विस्थापन के कारण हर रोज हजारों बच्चे अनाथ हो रहे हैं।

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भारत में अनाथ बच्चों का संकट

भारत में भी स्थिति काफी गंभीर है। यूनिसेफ के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में करीब 2.96 करोड़ से अधिक बच्चे सड़कों पर अपना जीवन बसर कर रहे हैं। इन बच्चों के अनाथ होने के पीछे गरीबी, माता-पिता की असामयिक मृत्यु, गंभीर बीमारियां जैसे एचआईवी/एड्स या कोविड-19, और घरेलू कलह जैसे कारण प्रमुख हैं। कई बार गरीबी के कारण नवजात शिशुओं को सड़कों पर लावारिस छोड़ दिया जाता है, जिससे उनकी स्थिति और भी बदतर हो जाती है।

अनाथ बच्चों के भविष्य पर खतरा

आंकड़े बताते हैं कि हर साल करीब 70 लाख बच्चे बिना किसी घर या अपनों के बड़े होते हैं। जीवन की शुरुआत में ही माता-पिता को खोने वाले बच्चों को कुपोषण, बीमारियों और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है। रिपोर्ट के अनुसार, अनाथ लड़कियों में से 60 प्रतिशत के यौन व्यापार का शिकार होने का खतरा रहता है, जबकि 10 से 15 प्रतिशत अनाथ बच्चे 18 वर्ष की आयु से पहले ही आत्महत्या कर लेते हैं। पूर्वी यूरोप जैसे क्षेत्रों में तो 70 प्रतिशत अनाथ लड़के अपराधी बनने की राह पर निकल जाते हैं।

हर साल 2.5 लाख बच्चे गोद लिए जाते हैं

यूनिसेफ के मुताबिक, हर साल दुनिया भर में करीब 2,50,000 बच्चों को गोद लिया जाता है, लेकिन इसके बावजूद 1.4 करोड़ से अधिक अनाथ बच्चे बिना किसी परिवार का हिस्सा बने अनाथालयों से बाहर निकल जाते हैं। इसका मतलब यह है कि हर दिन करीब 38,493 बच्चे ऐसी उम्र तक पहुंच जाते हैं जहां उन्हें अनाथालय छोड़ने पड़ते हैं। विश्व युद्ध अनाथ दिवस के मौके पर दुनिया भर में इन बच्चों के अधिकारों के संरक्षण के लिए वैश्विक समर्थन का आह्वान किया जाता है ताकि उन्हें वह सम्मान और सुरक्षा मिल सके जिसके वे हकदार हैं।

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