Abu Dhabi Court: सूडान हथियारों की तस्करी का मामला, कोर्ट ने सुनवाई 12 अगस्त 2026 तक बढ़ाई

अबू धाबी की फेडरल कोर्ट ऑफ अपील ने सूडान में अवैध सैन्य उपकरणों की तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग के एक गंभीर मामले में सुनवाई को आगे बढ़ा दिया है। 6 अगस्त 2026 को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने बचाव पक्ष को अपनी दलीलें पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय देते हुए अगली तारीख 12 अगस्त 2026 तय की है। इस पूरे मामले में कुल 13 व्यक्ति और 6 कंपनियां शामिल हैं, जिन पर अवैध रूप से हथियारों का व्यापार करने और पैसों को इधर-उधर करने का आरोप लगा है।
मामले की पूरी सच्चाई और सबूत
सुनवाई के दौरान फेडरल पब्लिक प्रोसिक्यूशन ने कोर्ट के सामने भारी मात्रा में डिजिटल और फिजिकल सबूत रखे। इनमें ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग, आधिकारिक दस्तावेज, तकनीकी और वित्तीय रिपोर्ट के साथ-साथ कई आरोपियों के अपने जुर्म कबूल करने वाले बयान भी शामिल थे। अभियोजन पक्ष ने एक वीडियो के जरिए यह दिखाया कि कैसे आरोपियों ने UAE की जमीन, वहां की संस्थानों और सुविधाओं का गलत इस्तेमाल किया। इन लोगों ने कथित तौर पर फर्जी कागजात और बैंक खातों का सहारा लेकर अवैध हथियारों की डील को अंजाम दिया और पैसों को छिपाने की कोशिश की।
UAE की सुरक्षा के लिए खतरा
सरकारी वकीलों ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की गतिविधियां न केवल UAE के कानून का उल्लंघन करती हैं, बल्कि देश की संप्रभुता और सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा करती हैं। UAE का विदेश मंत्रालय पहले ही यह साफ कर चुका है कि वह अपनी धरती का इस्तेमाल किसी भी तरह के अवैध हथियारों के व्यापार या तस्करी के लिए नहीं होने देगा और अंतरराष्ट्रीय नियमों का पूरी तरह पालन करेगा। इस संबंध में अधिक जानकारी UAE Ministry of Foreign Affairs की आधिकारिक वेबसाइट पर देखी जा सकती है।
कौन-कौन है आरोपी
जांच में यह सामने आया है कि इस पूरे मामले के पीछे एक संगठित आपराधिक गिरोह का हाथ था, जो UAE को हथियारों की डीलिंग का हब बनाना चाहता था। मुख्य आरोपी में सूडान की खुफिया सेवा के पूर्व प्रमुख Salah Gosh, सूडान के सेना प्रमुख Abdel Fattah Al-Burhan और सेना के चीफ ऑफ स्टाफ General Yasser al-Atta के नाम सामने आए हैं, जिन पर केस दर्ज किया गया है। इसके अलावा पोर्ट सूडान अथॉरिटी के वित्तीय अधिकारी Othman Al-Zubair का नाम भी इसमें शामिल है। इस नेटवर्क का भंडाफोड़ 30 अप्रैल 2025 को हुआ था जब सेल के सदस्यों को पहली बार गिरफ्तार किया गया था। अब यह मामला कानूनी प्रक्रिया के तहत फेडरल कोर्ट ऑफ अपील में चल रहा है ताकि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जा सके।