UAE कोर्ट का बड़ा फैसला: पिता को माना अयोग्य, बच्चे की कानूनी जिम्मेदारी अब आंटी के पास.

अबू धाबी की एक अदालत ने एक प्रवासी बच्चे की कानूनी संरक्षकता यानी guardianship उसकी आंटी को सौंपने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। न्यायिक प्रक्रिया के दौरान यह पाया गया कि बच्चे का पिता इस जिम्मेदारी को संभालने के लिए पूरी तरह से अयोग्य था। यह फैसला इस बात को साफ करता है कि संयुक्त अरब अमीरात का कानून बच्चे के बेहतर भविष्य और उनकी सुरक्षा को सबसे ऊपर रखता है। इस मामले ने यह भी स्पष्ट किया कि यूएई के कानूनी ढांचे में 'custody' और 'guardianship' के बीच बड़ा अंतर होता है, जिसे हर प्रवासी को समझना चाहिए।
कानूनी जिम्मेदारी और बच्चों का अधिकार
यूएई के कानून में बच्चे की कस्टडी का मतलब है उनकी रोजमर्रा की शारीरिक देखभाल, जबकि guardianship (विलाया) का अधिकार उन बड़े फैसलों को लेने का होता है, जो बच्चे के जीवन को प्रभावित करते हैं। इसमें पढ़ाई-लिखाई, मेडिकल इलाज, पासपोर्ट और यात्रा संबंधी अनुमति, और वित्तीय प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। कानून के मुताबिक, हर फैसला बच्चे के सर्वोत्तम हित में लिया जाता है। Law No. 14 of 2021 के अनुसार, अबू धाबी में रहने वाले गैर-मुस्लिम प्रवासियों के लिए 16 साल की उम्र तक संयुक्त कस्टडी का प्रावधान है।
पिता को कब माना जाता है अयोग्य
अदालत तब हस्तक्षेप करती है जब माता-पिता अपने कर्तव्यों को निभाने में असमर्थ होते हैं या उन्हें कानूनी रूप से अयोग्य करार दिया जाता है। एक माता या पिता को अयोग्य तब माना जाता है यदि वे मानसिक रूप से स्वस्थ न हों, बेईमान हों, बच्चे के पालन-पोषण में असमर्थ हों, या किसी गंभीर अपराध के दोषी पाए गए हों। इस मामले में भी अदालत ने पूरी जांच पड़ताल की, जिसमें गवाहों के बयान और स्वतंत्र विशेषज्ञों की मदद ली गई। यह पूरी कार्रवाई UAE Federal Law No. 28 of 2005 और Federal Decree Law No. 52 of 2023 के अंतर्गत संपन्न हुई, जो पर्सनल स्टेटस लॉ के तहत बच्चों के हितों की रक्षा करने का काम करता है। यह फैसला उन सभी प्रवासियों के लिए एक सीख है जो यूएई में रहते हैं और परिवार के कानूनी अधिकारों को लेकर जागरूक रहना चाहते हैं, ताकि वे किसी भी विषम परिस्थिति में अपने बच्चों के भविष्य को सुरक्षित रख सकें।