अबू धाबी ऊर्जा विभाग का बड़ा कदम, अमेरिका से नई तकनीक और एआई पार्टनरशिप के लिए किया दौरा

अबू धाबी ऊर्जा विभाग यानी Department of Energy – Abu Dhabi (DoE) के एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिका का अपना महत्वपूर्ण रणनीतिक दौरा सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस मिशन की कमान विभाग के चेयरमैन Dr. Abdulla Humaid Al Jarwan ने संभाली थी और यह दौरा 22 अगस्त 2026 को संपन्न हुआ। इस पूरी यात्रा का मुख्य उद्देश्य ऊर्जा और पानी के क्षेत्र में नए इनोवेशन लाना, नियमों को आधुनिक बनाना और आधुनिक तकनीकों को जोड़कर अबू धाबी की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना था।
अमेरिका के कई बड़े शहरों का किया दौरा
अपनी इस यात्रा के दौरान डेलिगेशन ने अमेरिका के Boston, New York और California जैसे प्रमुख शहरों में कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं। इन बैठकों में वहां की यूनिवर्सिटीज, रिसर्च सेंटर, सरकारी नियामक निकायों और तकनीक के क्षेत्र में काम करने वाली वैश्विक कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल रहे। चर्चा का मुख्य केंद्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI, ऑटोमेशन, क्वांटम कंप्यूटिंग और बिजली-पानी के नेटवर्क की मजबूती था। इस पूरी यात्रा का मकसद अबू धाबी के एनर्जी और वाटर रिजिलियंस फ्रेमवर्क को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत मानक के रूप में स्थापित करना था।
अबू धाबी वाटर एंड पावर वीक के लिए मिलाया हाथ
दौरे के दौरान DoE ने मुलाकात करने वाले कई संगठनों को Abu Dhabi Water and Power Week 2026 के लिए रणनीतिक साझेदार बनने का निमंत्रण दिया। यह कार्यक्रम संयुक्त अरब अमीरात की उन प्राथमिकताओं का समर्थन करता है जो साल 2026 की संयुक्त राष्ट्र जल कॉन्फ्रेंस से जुड़ी हुई हैं। चेयरमैन डॉ. अब्दुल्ला हुमैद अल जरवान ने बताया कि अबू धाबी एक ऐसा एकीकृत इकोसिस्टम बना रहा है जो पूरी तरह से नई सोच और असरदार साझेदारियों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय की चुनौतियों से निपटने और ऊर्जा प्रणालियों को और बेहतर बनाने के लिए यह सहयोग बहुत जरूरी है।
कई अहम समझौतों पर हुए हस्ताक्षर
अपनी इस अमेरिका यात्रा के दौरान ऊर्जा विभाग ने रेगुलेटरी सहयोग, एआई और आधुनिक तकनीकों को लेकर कई Memoranda of Understanding (MoUs) पर हस्ताक्षर किए। इसके अलावा ऊर्जा और पानी के नेटवर्क को आधुनिक बनाने के लिए शैक्षणिक संस्थानों के साथ भी समझौते किए गए। विभाग ने अंतरराष्ट्रीय शोध संस्थानों के साथ मिलकर एक AI-powered laboratory बनाने की संभावनाओं पर भी काम किया है, जिससे नई तकनीकों को जमीन पर उतारा जा सके। इसमें क्वांटम कंप्यूटिंग की मदद से पानी के इस्तेमाल को बेहतर बनाना और संसाधनों का सही प्रबंधन करना शामिल है।