Strait of Hormuz में ADNOC के जहाजों पर हमला, 1 की मौत और 20 घायल, समुद्री सुरक्षा पर बढ़ा खतरा

होरमुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। Abu Dhabi National Oil Company (ADNOC) ने 7 अगस्त 2026 को पुष्टि की कि उनके जहाजों पर हुए हालिया हमलों में 1 व्यक्ति की मौत हो गई है और 20 अन्य लोग घायल हुए हैं। यह घटना इसी सप्ताह ADNOC के जहाजों पर हुआ तीसरा हमला है, जिसने खाड़ी क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और आवाजाही को लेकर बड़ी चिंता पैदा कर दी है।
हमलों का बढ़ता दायरा और चिंता
फरवरी 2026 के अंत में अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक 15 ADNOC जहाजों को मिसाइल और ड्रोन हमलों का निशाना बनाया गया है। इन हमलों के कारण 3 अगस्त से 6 अगस्त 2026 के बीच होरमुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में भारी कमी आई है। इसके अलावा, 6 अगस्त को Qeshm Island के पास दो धमाकों की भी खबर सामने आई थी, हालांकि ईरान के अधिकारियों ने अभी तक इसके बारे में कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है।
ईरान ने हाल ही में जलडमरूमध्य पर अपना नया नियंत्रण घोषित किया है और 'Persian Gulf Strait Authority' का गठन किया है। ईरान द्वारा लागू किए गए नए नियमों के तहत अब पारगमन के लिए अनुमति लेना अनिवार्य है और अमेरिका व इजरायल के जहाजों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
UAE का रुख और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव
ADNOC ने इन हमलों को अपने कर्मचारियों और संपत्ति पर बिना किसी उकसावे के की गई कार्रवाई बताया है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर नेविगेशन की आजादी और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को किसी भी तरह के खतरे या हमले से मुक्त रखा जाना चाहिए। UAE सरकार ने पहले ही इन हमलों की कड़ी निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय नेविगेशन के लिए गंभीर खतरा तथा UN Security Council Resolution 2817 का उल्लंघन करार दिया है। इस संबंध में अधिक जानकारी UAE Ministry of Foreign Affairs की वेबसाइट पर देखी जा सकती है।
तनाव के बीच शांति की उम्मीद
क्षेत्र में जारी इन तनावपूर्ण हालातों के बीच, ईरान ने संकेत दिए हैं कि ओमान के साथ होरमुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने को लेकर एक समझौता जल्द ही पूरा होने वाला है। दूसरी ओर, अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने इस संघर्ष के जल्द समाप्त होने की उम्मीद जताई है और कहा है कि वह व्यक्तिगत रूप से इन बातचीत में शामिल हो रहे हैं। यह घटना खाड़ी में रहने वाले उन लाखों भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए भी चिंता का विषय है जो इन समुद्री रास्तों और क्षेत्र की स्थिरता पर निर्भर हैं, क्योंकि व्यापार में किसी भी तरह की रुकावट का सीधा असर जीवनयापन की लागत पर पड़ता है।