Strait of Hormuz में ADNOC के जहाज़ पर ड्रोन हमला, UAE सरकार ने ईरान को बताया ज़िम्मेदार.

फारस की खाड़ी और स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 की शाम को अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी यानी ADNOC के एक जहाज़ पर बड़ा हमला किया गया। एक हफ्ते के भीतर इस इलाके में किसी कमर्शियल या ऑयल वेसल पर हमले की यह तीसरी घटना है। इस हमले के बाद खाड़ी देशों में सुरक्षा को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं, खासकर उन लोगों के लिए जो इन इलाकों में काम करते हैं या समुद्री व्यापार से जुड़े हैं।
अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी ने की हमले की पुष्टि
कंपनी ने खुद इस बात की पुष्टि की है कि स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज से गुजर रहे उनके जहाज़ को निशाना बनाया गया। गनीमत यह रही कि इस घटना में क्रू मेंबर यानी जहाज़ पर काम करने वाले किसी भी कर्मचारी को चोट नहीं आई। कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि स्थिति पर समय रहते काबू पा लिया गया और खतरे को टाल दिया गया। मैरीटाइम सिक्योरिटी एजेंसी Vanguard Tech ने जानकारी दी है कि पिछले कुछ दिनों में जिन जहाज़ों को निशाना बनाया गया उनमें Navig8 Messi और Tarif शामिल हैं। इन दोनों जहाज़ों को ड्रोनों के जरिए मामूली नुकसान पहुंचाया गया था, जिसके बाद वे अपनी यात्रा जारी रखने में सफल रहे। फरवरी महीने से शुरू हुए अमेरिका और ईरान के विवाद के बाद से कमर्शियल जहाजों पर हमलों का सिलसिला रुका नहीं है और ताजा घटना इस तनाव के दौर का 15वां हमला है।
UAE मंत्रालय का सख्त रुख और ईरानी कार्रवाई पर बयान
संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्रालय यानी MoFA ने इस घटना पर बहुत कड़ी प्रतिक्रिया दी है। सरकार की तरफ से जारी आधिकारिक बयान में इस हमले को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्स की तरफ से किया गया खुला समुद्री डाका यानी पाइरेसी करार दिया गया है। यूएई सरकार का कहना है कि यह कृत्य संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव Resolution 2817 का खुला उल्लंघन है और इससे दुनिया भर की ऊर्जा सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्रीय शांति भी खतरे में पड़ रही है। यूएई ने इस संबंध में अपनी बात UAE MoFA Official Website पर साझा की है। सरकार ने मांग की है कि इन उकसावे वाली कार्रवाइयों को तुरंत रोका जाए और इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते को बिना किसी शर्त के पूरी तरह सुरक्षित किया जाए ताकि आवाजाही सामान्य हो सके।
ईरान की प्रतिक्रिया और क्षेत्रीय व्यापार पर असर
हालांकि ईरान की तरफ से 14 अगस्त की इस ताजा घटना पर सीधे तौर पर कोई बयान सामने नहीं आया है, लेकिन ईरानी उप विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने शुक्रवार को स्पष्ट किया था कि तेहरान स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज में अपनी नाकाबंदी को जारी रखेगा। इस लगातार जारी गतिरोध की वजह से खाड़ी के समुद्री मार्ग से होने वाला व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस स्थिति का असर उन तमाम कामगारों और प्रवासियों पर भी पड़ रहा है जो रोजगार के सिलसिले में इन समुद्री और तटीय इलाकों के करीब रहते हैं। सुरक्षा एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी बड़े खतरे से वक्त रहते निपटा जा सके।