ADNOC के जहाजों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला, एक क्रू मेंबर की मौत और 20 घायल

खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव के बीच अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) ने अपने कर्मचारियों और संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर बड़ी चिंता जताई है। 7 अगस्त 2026 को कंपनी ने बताया कि हाल के दिनों में उनके जहाजों पर लगातार हमले हो रहे हैं, जिससे न केवल कामकाज प्रभावित हो रहा है बल्कि जान-माल का नुकसान भी हुआ है। इन हमलों में अब तक कुल 15 जहाज निशाना बन चुके हैं।
हमलों का सिलसिला और सुरक्षा पर असर
कंपनी की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरते समय इन जहाजों को मिसाइल और ड्रोन के जरिए निशाना बनाया गया। सिर्फ इस सप्ताह के भीतर ही तीन अलग-अलग हमले हुए हैं। इन हमलों में एक क्रू सदस्य की जान चली गई है, जबकि 20 अन्य घायल हुए हैं। ADNOC ने साफ किया है कि कंपनी अपने ग्राहकों की मांगों को पूरा करने की हर संभव कोशिश कर रही है, लेकिन ये बिना उकसावे वाले हमले हालात को मुश्किल बना रहे हैं।
UAE सरकार का कड़ा रुख
यूएई (UAE) सरकार ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने पहले भी स्पष्ट किया था कि ऐसे हमले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का सीधा उल्लंघन हैं। मंत्रालय के अनुसार, वाणिज्यिक जहाजों पर हमला करना अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ है। सरकार ने यह भी दोहराया है कि वह अपनी सुरक्षा का अधिकार रखती है, लेकिन वह अपने क्षेत्र, हवाई क्षेत्र या समुद्री सीमाओं का उपयोग किसी और देश के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए नहीं होने देगी। इस संबंध में अधिक जानकारी आप UAE Ministry of Foreign Affairs की वेबसाइट पर देख सकते हैं।
आर्थिक आतंकवाद और वैश्विक बाजार
ADNOC के सीईओ सुलतान अल जाबेर ने 6 अगस्त को इस मामले पर कड़ा बयान दिया। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर किसी भी तरह की रोक को आर्थिक आतंकवाद करार दिया है। उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजारों की स्थिरता बनाए रखने के लिए जहाजों का बिना किसी बाधा के आना-जाना बहुत जरूरी है।
क्षेत्रीय तनाव और आने वाले खतरे
मौजूदा हालात में सऊदी अरब ने भी चेतावनी दी है कि उसे आने वाले समय में इराकी मिलिशिया और यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा समन्वित हमलों की आशंका है। रिपोर्टों के अनुसार, ये हमले ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के इशारे पर हो सकते हैं। इन हमलों का लक्ष्य ऊर्जा बुनियादी ढांचा, बंदरगाह और हवाई अड्डे हो सकते हैं। हाल ही में यमन के हदमौत में भी सऊदी गठबंधन के ठिकानों को हूतियों ने ड्रोन से निशाना बनाया है। हालांकि, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बताया है कि कूटनीतिक स्तर पर बातचीत जारी है और होर्मुज मार्ग को खोलने की कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।