Air India News: एयर इंडिया ने पायलटों के लिए किया नया नियम लागू, उड़ान से पहले देना होगा ड्रग टेस्ट.

Aanya13 August 20262 min read74 viewsIndia
Air India News: एयर इंडिया ने पायलटों के लिए किया नया नियम लागू, उड़ान से पहले देना होगा ड्रग टेस्ट.

एयर इंडिया ने अपने सभी पायलटों के लिए एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। एयरलाइन ने उड़ान भरने से पहले हर पायलट के लिए नशे की जांच अनिवार्य कर दी है। यह नया नियम 13 अगस्त 2026 से एयर इंडिया एक्सप्रेस के पायलटों पर भी पूरी तरह लागू हो गया है। इस फैसले के बाद अब बिना जांच के कोई भी पायलट विमान नहीं उड़ा सकेगा और एयरलाइन सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही के मूड में नहीं है।

क्यों उठाया गया यह कड़ा कदम

यह फैसला एक गंभीर घटना के बाद लिया गया है। जानकारी के मुताबिक, 4 अगस्त 2026 को फुकेट से दिल्ली आ रही फ्लाइट AI2379 के पायलट-इन-कमांड का मेडिकल टेस्ट हुआ था। इस जांच में पायलट मारिजुआना यानी ड्रग्स के सेवन का दोषी पाया गया था। इस उड़ान के दौरान विमान अचानक बहुत नीचे आ गया था जिससे यात्रियों को गंभीर चोटें भी आईं थीं। इस बड़ी घटना की जानकारी ANI News द्वारा सामने लाई गई थी। घटना के तुरंत बाद एयरलाइन ने दोनों पायलटों को ड्यूटी से हटा दिया था और उन्हें रोस्टर से बाहर कर दिया था ताकि आगे की जांच निष्पक्ष तरीके से हो सके।

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नागरिक उड्डयन नियमों से भी सख्त नीति

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय यानी डीजीसीए (DGCA) के पुराने नियमों के अनुसार सालभर में केवल 10 प्रतिशत क्रू मेंबर का ही रैंडम टेस्ट किया जाता था। लेकिन एयर इंडिया की यह नई नीति डीजीसीए के नियमों से भी ज्यादा कड़ी है। अब एयरलाइन ट्रेनिंग के दौरान, उड़ान के बाद और अन्य ऑपरेशनल समय में भी लगातार रोक लगाई गई दवाओं और पदार्थों की जांच कर रही है ताकि यात्रियों की जान जोखिम में न पड़े और हर उड़ान पूरी तरह सुरक्षित रहे।

जांच एजेंसियों की कार्रवाई और रिपोर्ट

इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो यानी AAIB ने इसे एक गंभीर घटना माना है। जांच एजेंसी इस घटना की पूरी रिपोर्ट तैयार कर रही है और इसे अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन यानी ICAO को सौंपेगी। यह प्रारंभिक रिपोर्ट सितंबर 2026 के दूसरे हफ्ते तक सौंपे जाने की पूरी उम्मीद है। एयरलाइन और सरकार दोनों मिलकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि भविष्य में ऐसी खतरनाक घटनाओं को दोबारा होने से रोका जा सके।

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