UAE में पेट्रोल पंप कर्मचारी से बदतमीजी पड़ी भारी, अदालत ने दो लोगों पर लगाया 50,000 दिरहम का जुर्माना

यूएई के अल ऐन शहर में पेट्रोल पंप पर गाड़ी की विंडशील्ड साफ कराने को लेकर हुए विवाद में दो लोगों को भारी सजा मिली है। Al Ain Misdemeanour Court ने इस मामले में सुनवाई करते हुए 20 अगस्त 2026 को फैसला सुनाया और दोनों आरोपियों पर 50,000 दिरहम का भारी जुर्माना ठोक दिया। सरकारी ड्यूटी पर तैनात एक कर्मचारी के साथ मारपीट करने और सार्वजनिक शांति भंग करने के आरोप में यह सख्त कार्रवाई की गई है।
विवाद की असली वजह और घटनाक्रम
यह पूरी घटना तब शुरू हुई जब दोनों व्यक्ति अपनी कार लेकर पेट्रोल पंप पर पहुंचे और वहां विंडशील्ड साफ करने की सर्विस मांगने लगे। उस समय पेट्रोल पंप पर काफी भीड़ थी और काम का दबाव था, जिसके चलते वहां तैनात कर्मचारी ने दोनों ग्राहकों से कहा कि अभी स्टेशन व्यस्त है और उन्हें थोड़ी देर इंतजार करना होगा। कर्मचारी की इतनी सी बात पर दोनों आरोपी भड़क गए और बहस करने लगे। देखते ही देखते यह मामूली सी बहस हाथापाई और शारीरिक हमले में बदल गई, जिससे वहां मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई।
मेडिकल रिपोर्ट और अदालत का कड़ा फैसला
इस हमले के बाद पीड़ित कर्मचारी को काफी शारीरिक दर्द और शरीर पर चोट के निशान आए, जिसकी पुष्टि एक आधिकारिक मेडिकल रिपोर्ट में भी की गई। अदालत ने यूएई के Crimes and Penalties Law के तहत यह सजा सुनाई है, जो साफ तौर पर यह कहता है कि सार्वजनिक सेवा कर रहे किसी भी कर्मचारी पर हिंसा करना या हाथ उठाना गंभीर अपराध है। अदालत ने जुर्माने के अलावा यह भी आदेश दिया कि दोनों आरोपियों को उसी पेट्रोल पंप पर दो महीने तक सामुदायिक सेवा (community service) करनी होगी जहां पर उन्होंने यह हिंसा की थी।
अदालत और प्रशासन की कड़ी चेतावनी
अदालत में पेश किए गए सबूतों में घटना के सीसीटीवी फुटेज, चश्मदीदों के बयान, आरोपियों द्वारा अपना जुर्म कबूल करना और मेडिकल रिपोर्ट शामिल थी, जिनके आधार पर यह सजा तय की गई। Abu Dhabi Judicial Department ने इस पूरे फैसले को सार्वजनिक करते हुए साफ कर दिया है कि किसी भी तरह के विवाद को सुलझाने के लिए हमेशा कानूनी रास्तों का ही इस्तेमाल करना चाहिए। कानून हाथ में लेने पर आपराधिक मामलों में फंसना तय है और यूएई में इस तरह की बदतमीजी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाती है, जिससे यहां रहने वाले सभी प्रवासियों और नागरिकों को यह सीख लेनी चाहिए कि काम कर रहे कर्मचारियों का सम्मान करना बेहद जरूरी है।