America में बड़ा एक्शन, 17 देशों के 25 लोगों की नागरिकता हुई रद्द, भारतीय मूल के व्यक्ति पर भी गिरी गाज.

Praggya Singh sabal10 August 20262 min read86 viewsWorld
America में बड़ा एक्शन, 17 देशों के 25 लोगों की नागरिकता हुई रद्द, भारतीय मूल के व्यक्ति पर भी गिरी गाज.

अमेरिका में प्रशासन की तरफ से एक बहुत बड़ा और कड़ा कदम उठाया गया है, जिसके तहत भारतीय मूल के एक व्यक्ति समेत कुल 25 लोगों की नागरिकता रद्द करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अमेरिकी न्याय मंत्रालय की वेबसाइट पर साझा की गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई कुल 17 अलग-अलग देशों के नागरिकों के खिलाफ की जा रही है जिन पर गंभीर आरोप दर्ज हैं।

किन देशों के नागरिकों पर हुई कार्रवाई और क्या हैं गंभीर आरोप

अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार इस बड़ी सूची में पाकिस्तान, भारत, मोल्दोवा, मेक्सिको, कोलंबिया, नाइजीरिया, लाइबेरिया, घाना, जमैका, ताइवान, होंडुरास, कैमरून, जॉर्डन, क्यूबा, अल साल्वाडोर, हैती और स्वीडन के लोग शामिल हैं। इन सभी लोगों पर गलत पहचान यानी फर्जी दस्तावेज देकर अमेरिका में एंट्री पाने, हत्या के प्रयास और बच्चों के खिलाफ यौन शोषण जैसे बेहद संगीन आरोप लगाए गए हैं। अमेरिका के अधिकारियों का साफ कहना है कि देश की नागरिकता एक बहुत बड़ा विशेषाधिकार है जिसे केवल कानून और पूरी ईमानदारी के साथ ही हासिल किया जा सकता है, लेकिन इन लोगों ने धोखाधड़ी और तथ्यों को छिपाकर यह हक पाया था।

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भारतीय और पाकिस्तानी मूल के लोगों के नाम शामिल

इस पूरी सूची में भारतीय मूल के 65 वर्षीय नरेन्द्र सिंह का नाम भी शामिल है जिनके खिलाफ डेलावेयर जिला न्यायालय में बाकायदा मुकदमा दायर किया गया है। अमेरिकी जांच एजेंसियों के अनुसार नरेन्द्र सिंह ने अमेरिका में प्रवेश पाने के लिए साल 1996 से लेकर फर्जी पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल किया था और आखिरकार वह 1 मई 2008 को अमेरिकी नागरिक बन गए थे, जिन पर अब अदालत में सात गंभीर आरोप तय किए गए हैं। इसके अलावा पाकिस्तान मूल के जिया मुराद भट्टी और मोहम्मद वासिफ को भी इस प्रक्रिया के दायरे में लाया गया है जिन पर विभिन्न अमेरिकी जिला अदालतों में कानूनी शिकंजा कसा जा रहा है।

न्याय विभाग का अब तक का सबसे बड़ा समन्वित कदम

अमेरिकी न्याय विभाग के अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि न्याय मंत्रालय के इतिहास में नागरिकता रद्द करने की यह अब तक की सबसे बड़ी समन्वित कार्रवाई है और यह तो अभी महज एक शुरुआत है। कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच और सिविल डिवीजन के असिस्टेंट अटॉर्नी जनरल ब्रेट ए. शुमेट ने स्पष्ट किया कि इन लोगों ने ऐसे जघन्य अपराध किए हैं जो अमेरिकी नागरिकता के बिल्कुल अनुकूल नहीं हैं। इन सभी मामलों में 20 जुलाई से 3 अगस्त के बीच औपचारिक शिकायतें दर्ज की गईं और अब अदालतों के माध्यम से इनकी नागरिकता समाप्त करने की प्रक्रिया को बेहद तेज गति से आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि धोखाधड़ी करने वालों को कड़ा संदेश मिल सके।

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