Pakistan News: प्रेस की आज़ादी पर लगा नया अंकुश, एम्नेस्टी इंटरनेशनल समेत 13 संगठनों ने सरकार को लिखी चिट्ठी

Aanya5 August 20262 min read77 viewsWorld
Pakistan News: प्रेस की आज़ादी पर लगा नया अंकुश, एम्नेस्टी इंटरनेशनल समेत 13 संगठनों ने सरकार को लिखी चिट्ठी

पाकिस्तान में प्रेस की आज़ादी को लेकर हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। 5 अगस्त 2026 को एम्नेस्टी इंटरनेशनल के नेतृत्व में 13 नागरिक समाज संगठनों ने एक संयुक्त पत्र लिखकर प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif, सूचना मंत्री Attaullah Tarar और कानून मंत्री Azam Nazeer Tarar से पत्रकारों पर हो रही सख्ती को तुरंत रोकने की अपील की है। इन संगठनों ने अपनी चिंता जताते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था का नाम लेकर पत्रकारों और मीडिया संस्थानों की आवाज़ को दबाया जा रहा है।

नए सरकारी नियमों से पत्रकारों की मुश्किल बढ़ी

सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने 4 और 5 अगस्त को 'फॉरेन मीडिया फैसिलिटेशन गाइडलाइंस 2026' लागू की है। इस नए नियम के तहत अब विदेशी पत्रकारों को इस्लामाबाद, लाहौर और कराची जैसे प्रमुख शहरों से बाहर रिपोर्टिंग करने के लिए No Objection Certificate (NOC) लेना अनिवार्य होगा। जानकारों का मानना है कि यह कदम विशेष रूप से बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर जैसे संवेदनशील इलाकों में स्वतंत्र पत्रकारिता को पूरी तरह खत्म करने की साजिश है। ANI News के अनुसार, सरकार के इस फैसले से स्वतंत्र रिपोर्टिंग पर गहरा संकट मंडरा रहा है।

मीडिया संस्थानों और पत्रकारों पर बढ़ रहा दबाव

सरकारी कार्रवाई का असर मीडिया संस्थानों पर भी दिख रहा है। 2 अगस्त को अल जजीरा की वेबसाइट को पाकिस्तान में ब्लॉक कर दिया गया। इसके अलावा, 4 अगस्त को पत्रकार Asad Ali Toor को 'Prevention of Electronic Crimes Act (PECA)' की धारा 26A के तहत नोटिस भेजकर तलब किया गया। उन पर गलत सूचना फैलाने का आरोप लगाया गया है। 1 अगस्त को दो पत्रकारों, Razi Tahir और Muhammad Saif के कथित तौर पर लापता होने की खबर ने भी सबको सकते में डाल दिया है।

एम्नेस्टी इंटरनेशनल और कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स (CPJ) ने पाकिस्तान में बढ़ती राज्य हिंसा और मीडिया दमन की कड़ी निंदा की है। इन संस्थाओं ने सरकार से मांग की है कि संचार माध्यमों को तुरंत बहाल किया जाए और स्वतंत्र पर्यवेक्षकों को जमीनी स्थिति का आकलन करने की अनुमति दी जाए। पाकिस्तान में प्रेस की इस बदलती स्थिति पर वैश्विक स्तर पर नज़र बनी हुई है।

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