सीरिया पर इसराइल के हवाई हमले के खिलाफ गल्फ और मुस्लिम देश आए एक साथ, बताया क्षेत्रीय शांति के लिए बड़ा खतरा.

Aanya21 August 20262 min read60 viewsWorld
सीरिया पर इसराइल के हवाई हमले के खिलाफ गल्फ और मुस्लिम देश आए एक साथ, बताया क्षेत्रीय शांति के लिए बड़ा खतरा.

सीरिया के अंबू अल-धुहुर मिलिट्री एयरबेस पर इसराइल द्वारा किए गए हालिया हवाई हमलों के बाद मध्य पूर्व की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। 21 अगस्त 2026 को गल्फ और मुस्लिम देशों के एक समूह ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए एक साझा बयान जारी किया। इस गठबंधन में सऊदी अरब, कतर, पाकिस्तान, फिलिस्तीन, तुर्की, अल्जीरिया, इंडोनेशिया, लेबनान, मलेशिया, मॉरिटानिया और सोमालिया समेत कुल ग्यारह देश शामिल हैं। इन देशों के विदेश मंत्रियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस तरह की सैन्य कार्रवाइयां सीरिया की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और राजनीतिक एकता का खुला उल्लंघन हैं।

अंतरराष्ट्रीय नियमों के उल्लंघन की चेतावनी

विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान यह बात सामने आई कि सीरियाई क्षेत्र और वहां के बुनियादी ढांचे को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र की स्थिरता खतरे में पड़ रही है। इन देशों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत ठोस कदम उठाएं। साथ ही, 1974 के डिसएंगेमेंट समझौते का पालन करने और अधिकृत क्षेत्रों से इसराइली सेना को पूरी तरह से हटाने की मांग की गई है। इस संबंध में पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में पूरी जानकारी दी गई है, जिसे आप यहां पढ़ सकते हैं

विभिन्न पक्षों की प्रतिक्रियाएं

इससे पहले सीरिया के विदेश मंत्री أسअद अल-शिबानी ने 19 अगस्त 2026 को इस हमले की निंदा की थी और इसे बिना किसी वजह का उकसावा बताया था। दूसरी ओर, इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा कि यह हमला तुर्की की सेना को उस एयरबेस पर तैनात होने से रोकने के लिए किया गया था, जिसे इसराइल अपनी सुरक्षा के लिए खतरा मानता था। हालांकि, 21 अगस्त 2026 को तुर्की के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने साफ किया कि हमले के वक्त वहां कोई भी तुर्की सैन्य प्रतिनिधि मौजूद नहीं था। तुर्की की नेशनलिस्ट मूवमेंट पार्टी के प्रमुख देवलेट बाहचेली ने भी इस घटना को अंतरराष्ट्रीय कानून का अस्वीकार्य उल्लंघन करार दिया। इसके अलावा वर्ल्ड एंबेसी डेस्क ने भी बयान जारी कर कहा कि किसी भी देश की संप्रभुता और अखंडता अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था का मुख्य आधार है।

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