सऊदी अरब की कंपनी Arabian Drilling ने ओमान में किया नया करार, गल्फ बाजार में बड़ा कदम.

Aanya19 August 20262 min read81 viewsOman
सऊदी अरब की कंपनी Arabian Drilling ने ओमान में किया नया करार, गल्फ बाजार में बड़ा कदम.

सऊदी अरब की जानी-मानी ड्रिलिंग कंपनी Arabian Drilling ने ओमान के बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने आधिकारिक तौर पर ओमान में एक नए अंतरराष्ट्रीय अनुबंध पर हस्ताक्षर करने की पूरी जानकारी साझा की है। यह नया सौदा सऊदी स्टॉक एक्सचेंज Tadawul के माध्यम से 19 अगस्त 2026 को सार्वजनिक किया गया, जबकि इस समझौते पर मुहर 17 अगस्त 2026 को ही लग गई थी। इस नए कदम से गल्फ क्षेत्र में कंपनी के कामकाज का दायरा और अधिक विस्तृत हो गया है।

ओमान में दो कुओं की होगी ड्रिलिंग

इस नए अनुबंध के तहत कंपनी को ओमान में दो पक्के कुओं यानी two confirmed wells की ड्रिलिंग का काम मिला है। इसके साथ ही समझौते में दो और अतिरिक्त कुओं के लिए विकल्प भी शामिल किया गया है। इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए Arabian Drilling को दो प्रमुख क्लाइंट्स Masirah Oil Limited और Northern Offshore Limited का साथ मिला है। हालांकि दोनों पक्षों की तरफ से इस अनुबंध की सटीक वित्तीय कीमत को गोपनीय रखा गया है, लेकिन कंपनी ने यह स्पष्ट किया है कि कुल वैल्यू साल 2025 के अंत तक के वित्तीय विवरणों में दर्ज सालाना राजस्व के 5% से कम है। इस व्यावसायिक समझौते का असर साल 2026 के वित्तीय परिणामों में साफ तौर पर दिखाई देगा।

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कब शुरू होगा काम और क्या है योजना

तय कार्यक्रम के अनुसार इस प्रोजेक्ट पर मैदानी काम साल 2026 की तीसरी तिमाही के खत्म होने से पहले ही शुरू हो जाएगा। इस कांट्रैक्ट की अवधि सभी तयशुदा ड्रिलिंग गतिविधियों के पूरा होने के साथ ही समाप्त होगी। इस मील के पत्थर के साथ ही Arabian Drilling ने ओमान के नए जीसीसी बाजार में सफलतापूर्वक प्रवेश कर लिया है। इससे पहले कंपनी ने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय अपतटीय अनुबंध बहुत जल्द पूरा कर लिया था, जिससे उन्हें अपने अपतटीय रिग को ओमान स्थानांतरित करने में आसानी हुई।

कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी का बयान

Arabian Drilling के मुख्य कार्यकारी अधिकारी Fahad Albani ने इस विस्तार को कंपनी की दीर्घकालिक विकास रणनीति का एक बहुत जरूरी हिस्सा बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनका मुख्य उद्देश्य टिकाऊ विकास करना, शेयरधारकों को लंबे समय तक फायदा पहुंचाना और विभिन्न क्षेत्रीय बाजारों के बीच आसानी से भारी मशीनरी व तकनीकी कर्मचारियों का आदान-प्रदान करना है। कंपनी ने यह भी साफ कर दिया है कि इस समझौते में किसी भी तरह के संबंधित पक्षों को शामिल नहीं किया गया है और यह पूरा प्रोजेक्ट अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा क्षेत्र के सामान्य व्यावसायिक नियमों के तहत ही आगे बढ़ाया जा रहा है।

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