Saudi Arabia: सऊदी अरब में खनिज खोज के लिए Aramco और Ma'aden ने मिलाया हाथ, हुआ बड़ा समझौता.

सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी Saudi Arabian Oil Co. (Aramco) और सऊदी अरब की माइनिंग कंपनी Ma'aden ने मिलकर एक नए संयुक्त उद्यम यानी जॉइंट वेंचर की शुरुआत की है। इस साझेदारी को लेकर दोनों कंपनियों के अधिकारियों ने 18 अगस्त 2026 को आधिकारिक रूप से शेयरधारकों के समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस पहल का मुख्य उद्देश्य देश के भीतर खनिज की खोज और हार्ड-रॉक माइनिंग के काम में तेजी लाना है, जिसकी शुरुआती योजनाएं जनवरी 2025 में सामने आई थीं। इस कदम से वैश्विक ऊर्जा बदलाव के लिए जरूरी अहम खनिजों की खोज को बढ़ावा मिलेगा।
साझेदारी और हिस्सेदारी की पूरी जानकारी
इस नए समझौते के नियमों के मुताबिक, Ma'aden कंपनी इस संयुक्त उद्यम में 51 प्रतिशत की बहुमत हिस्सेदारी रखेगी, जबकि Aramco के पास 49 प्रतिशत का मालिकाना हक रहेगा। यह पूरी साझेदारी अभी कुछ जरूरी और सामान्य क्लोजिंग शर्तों के अधीन है, जिसमें आंतरिक और विनियामक मंजूरी के साथ-साथ आवश्यक प्रतिस्पर्धा क्लीयरेंस भी शामिल हैं। सऊदी अरब के पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड यानी PIF की इस कंपनी में बड़ी हिस्सेदारी है, जो देश के खनन क्षेत्र को मजबूत करने में लगातार जुटी हुई है।
Zone-4 ट्रांजिशन जोन पर रहेगा खास फोकस
यह नया उद्यम अपनी खोज गतिविधियों को मुख्य रूप से 'Zone-4' में आगे बढ़ाएगा, जिसे ट्रांजिशन जोन के नाम से भी जाना जाता है। यह क्षेत्र अरब प्लेटफॉर्म के पास स्थित है और लगभग 182,000 वर्ग किलोमीटर के विशाल इलाके में फैला हुआ है। यह क्षेत्रफल देश की कुल जमीन का लगभग 10 प्रतिशत हिस्सा है और अरब शील्ड के बिल्कुल समानांतर चलता है, जहां खनिजों का बड़ा भंडार मिलने की पूरी उम्मीद है।
आधुनिक तकनीक और डेटा का होगा इस्तेमाल
इस प्रोजेक्ट को लेकर दोनों कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने अपनी बात रखी है। Aramco के ट्रांसफॉर्मेशन मिनरल्स के वाइस प्रेसिडेंट Saleh Mohammed Al-Saleh और Ma'aden के एक्सप्लोरेशन के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट Darryl Clark ने बताया कि इस सहयोग से माइनिंग का काम बहुत आसान हो जाएगा। इस वेंचर में Aramco की आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक, कंप्यूटर की बेहतरीन क्षमता और पुराने भूवैज्ञानिक डेटा का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके साथ ही इसमें Ma'aden के सालों के खनन अनुभव को भी जोड़ा जाएगा। इन सभी संसाधनों के मिलने से खोज का काम ज्यादा तेजी से हो सकेगा और लागत में भी कमी आएगी, जिससे ग्लोबल एनर्जी ट्रांजिशन वैल्यू चेन में सऊदी अरब की स्थिति और अधिक मजबूत होगी।