दुबई में गिरफ्तार और तुरंत डिपोर्ट, 50 करोड़ का इनाम था डैनियल जोसेफ किनाहन पर

आयरलैंड का सबसे बड़ा ड्रग किंगपिन और किनाहन कार्टेल का सरगना डैनियल किनाहन रविवार को दुबई से पकड़ा जाकर आयरलैंड भेज दिया गया। करीब दस साल दुबई में खुलेआम घूमने के बाद आखिरकार उसका खेल खत्म हो गया। आयरिश सरकारी जेट ने उसे उठाया और सीधे डबलिन के कोर्ट पहुंचा दिया।
कौन है ये डैनियल किनाहन?
डैनियल जोसेफ किनाहन (49) डबलिन का रहने वाला है। पिता क्रिस्टी किनाहन (‘डैपर डॉन’) ने 90 के दशक में किनाहन ऑर्गनाइज्ड क्राइम ग्रुप खड़ा किया। बेटा डैनियल ही दिन-रात के ऑपरेशन चलाता था। अमेरिकी एजेंसियों के मुताबिक यह गिरोह यूरोप के कोकेन बाजार का बड़ा हिस्सा हथियाए बैठा था। संपत्ति एक अरब डॉलर से ऊपर बताई जाती है। 2022 में अमेरिका ने इस पर प्रतिबंध लगाया और पांच मिलियन डॉलर का इनाम घोषित किया था।
2016 में डबलिन के रीजेंसी होटल में हत्या का प्रयास हुआ था। उसके बाद ये भागकर दुबई पहुंच गया और वहां सालों तक आराम से जिंदगी काटता रहा। बॉक्सिंग की कंपनी MTK ग्लोबल के जरिए नाम कमाने की कोशिश भी की, लेकिन असल कारोबार ड्रग्स और हथियार का ही था।
कैसे पकड़ा गया
अप्रैल 2026 में आयरिश अदालत के वारंट पर दुबई पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। कई अपीलें कीं, लेकिन दुबई कोर्ट ऑफ कैसेशन ने अंतिम फैसला सुना दिया। रविवार सुबह आयरिश एयर कॉर्प्स का फाल्कन जेट दुबई पहुंचा। किनाहन को हवाले किया गया और विमान शाम साढ़े छह बजे डबलिन के पास बाल्डोनेल एयरबेस पर उतरा।
वहां गार्डा ने तुरंत गिरफ्तार किया और भारी सुरक्षा में स्पेशल क्रिमिनल कोर्ट पहुंचा दिया। कोर्ट में रात 8:09 बजे पेशी हुई। सिर्फ 14 मिनट चली सुनवाई। तीन जजों के सामने एक ही आरोप लगाया गया — 18 अक्टूबर 2015 से 6 अप्रैल 2017 के बीच आपराधिक संगठन की गतिविधियों को चलाने का। यही वो समय था जब किनाहन-हच गैंग का खूनी झगड़ा चल रहा था, जिसमें 18 लोग मारे गए थे।
किनाहन काले हुडी और फ्लिप-फ्लॉप में कोर्ट पहुंचा। वकील नहीं था। बोला — “टाइम नहीं मिला।” आरोप समझ लिए और साफ कहा, “मुझे पता है जमानत नहीं मिलेगी।” कोर्ट ने हिरासत में रखते हुए 5 अक्टूबर तक रिमांड कर दिया। फिलहाल पोर्टलाओइज़ की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद है।
दोनों देशों का साफ संदेश
यूएई के न्याय मंत्री और आयरलैंड के न्याय मंत्री ने संयुक्त बयान में कहा कि किनाहन अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के सबसे बड़े नामों में से एक है। उस पर संगठन चलाने, हत्या और नशीले पदार्थों की तस्करी के आरोप हैं। दोनों देशों ने साफ कहा — गंभीर अपराध करने वालों के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं बचेगा।
यह यूएई-आयरलैंड प्रत्यर्पण संधि के तहत पहला बड़ा मामला है। इससे पहले किनाहन गिरोह का एक और बड़ा नाम सीन मैकगवर्न भी दुबई से लाया जा चुका है और उसे 24 साल की सजा हो चुकी है।
अब आगे
किनाहन का मुकदमा अगले साल शुरू होने वाला है। स्पेशल क्रिमिनल कोर्ट बिना ज्यूरी के फैसला सुनाती है। गार्डा कमिश्नर ने दुबई पुलिस के साथ सहयोग को इस सफलता का मुख्य कारण बताया है। दस साल दुबई में आराम से रहने वाला आयरिश ड्रग किंगपिन अब आयरलैंड की जेल में है।