ऑस्ट्रे्लिया, कनाडा और यूके ने इसराइल के खिलाफ उठाया कड़ा कदम, वर्ल्ड सेंट्रल किचन जांच बंद करने पर जताई कड़ी आपत्ति.

ऑस्ट्रे्लिया, कनाडा और यूनाइटेड किंगडम यानी यूके ने मिलकर एक संयुक्त बयान जारी किया है जिसमें इसराइल के उस फैसले की कड़ी निंदा की गई है जिसके तहत वर्ल्ड सेंट्रल किचन यानी WCK के राहत काफिले पर हुए हमले की आपराधिक जांच को बंद कर दिया गया था। यह घटना 1 अप्रैल 2024 की है जब एक मानवीय क्षेत्र में राहत कर्मियों पर हमला किया गया था और इस संयुक्त बयान को 21 अगस्त 2026 को सार्वजनिक किया गया। विदेश मंत्रालयों ने इस कदम को बेहद शर्मनाक और अस्वीकार्य बताया है और कहा है कि दो साल तक जवाबदेही की मांग करने के बाद इस तरह से जांच बंद करना बहुत कम और बहुत देर से उठाया गया कदम है। इस दुखद हमले में कई देशों के राहत कर्मी मारे गए थे जिनमें ऑस्ट्रे्लिया की ज़ोमी फ्रेंकॉम, कनाडा के जैकब फ्लिकरिंग, यूके के जॉन चैपमैन, जेम्स किर्बी और जेम्स हेंडरसन, पोलैंड के डेमियन सोबोल और उनका एक फिलिस्तीनी साथी शामिल था।
विदेश मंत्रियों की कड़ी प्रतिक्रिया और जवाब
ऑस्ट्रे्लियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग ने इस फैसले पर अपनी गहरी नाराजगी और गुस्सा जाहिर किया है। उन्होंने ऑस्ट्रे्लिया में इसराइल के राजदूत हिलेल न्यूमैन को तलब किया और उनसे कड़े सवाल पूछे कि आखिर उस राहत काफिले पर तीन बार हमला क्यों किया गया था और ड्रोन के वीडियो फुटेज को अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया है। वहीं दूसरी तरफ कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने भी इस जांच को बंद किए जाने के फैसले को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया और इस घटना में गंभीर प्रशासनिक और सैन्य विफलताओं का हवाला दिया। यूके के मध्य पूर्व मामलों के मंत्री स्टीफन डौल्टी ने कहा कि उनकी सरकार को इस बात से भारी निराशा हुई है कि इस मामले में पीड़ितों को न्याय नहीं मिल सका है। पोलैंड ने भी इस पर अपनी गहरी निराशा व्यक्त की और बताया कि प्रजेमिसल के जिला अभियोजक कार्यालय द्वारा इस मामले की समानांतर जांच की जा रही है और साथ ही उन्होंने पीड़ितों के परिवारों के लिए मुआवजे की भी पुरजोर मांग की है।
इसराइल का पक्ष और मानवीय संगठनों की प्रतिक्रिया
इसराइली सैन्य अभियोजक कार्यालय ने अपने बचाव में कहा कि दो साल की गहन समीक्षा और शोध के बाद उन्हें ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जिससे यह साबित हो सके कि कमांडरों के कार्यों में किसी भी तरह की आपराधिक लापरवाही या दुराचरण शामिल था और यह घटना किसी भी अपराध के दायरे में नहीं आती है। केनबरा में इसराइल के राजदूत हिलेल न्यूमैन ने सभी प्रकार के गलत कामों के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और सुझाव दिया कि इस तरह की आलोचनाएं राजनीतिक रूप से प्रेरित हो सकती हैं। इसके विपरीत वर्ल्ड सेंट्रल किचन संगठन ने इसराइली सेना की इस रिपोर्ट को पूरी तरह से असत्य और समयरेखा को तोड़ने मरोड़ने वाला करार दिया। इसके अलावा मेडिसिन सैंस फ्रंटियर्स यानी डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स संगठन ने भी इस मामले में एक निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग का समर्थन किया है और तर्क दिया है कि इसराइली रक्षा बल यानी IDF संभावित युद्ध अपराधों से जुड़े मामलों में खुद अपने आचरण का निष्पक्ष मूल्यांकन नहीं कर सकता है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप यूके सरकार की आधिकारिक विज्ञप्ति और ऑस्ट्रे्लियाई विदेश विभाग के बयान को देख सकते हैं।