Bahrain News: बहरीन की अदालत ने ईरान के लिए जासूसी करने पर कई लोगों को सुनाई उम्रकैद की सजा, देश विरोधी गतिविधियों का आरोप.

बरीन की राजधानी Manama से एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहाँ देश की अदालत ने ईरान के समर्थन में काम करने और देश के खिलाफ खतरनाक साजिश रचने वाले कई लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस कानूनी कार्रवाई से पूरे देश में सुरक्षा एजेंसियों की सख्ती साफ दिखाई दे रही है, क्योंकि कोर्ट ने साफ कर दिया है कि देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। अदालत के इस फैसले से आम नागरिकों और वहां रहने वाले प्रवासियों के बीच भी सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
कड़ी सजा और आतंकवाद विरोधी कानून का दायरा
बहरीन की High Criminal Court ने 11 अगस्त 2026 को यह ऐतिहासिक और कड़े फैसले सुनाए हैं। अदालत ने कई आरोपियों को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के साथ मिलकर देश के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने का दोषी पाया है। इनमें से कुछ मुख्य आरोपियों को देश के संवेदनशील ठिकानों और गुप्त स्थानों के कोऑर्डिनेट्स और लोकेशन दुश्मन देश को मुहैया कराने के लिए उम्रकैद की सजा दी गई है। सरकारी बयानों के मुताबिक इस मामले में कुल 19 संदिग्धों के खिलाफ सजा की पुष्टि की गई है।
इसी सुनवाई के दौरान अदालत ने अन्य आरोपियों पर भी शिकंजा कसा है, जिसमें 8 defendants को उम्रकैद, 9 defendants को 15 साल की कैद और 2 defendants को 10 साल की सजा के साथ-साथ BD100,000 का भारी जुर्माना लगाया गया है। इन सभी पर विदेशी ताकत और आतंकवादी संगठन के लिए खुफिया जानकारी जुटाने, देश विरोधी गतिविधियों के लिए अवैध रूप से धन लेने और प्रतिबंधित आतंकवादी समूह में शामिल होने जैसे गंभीर आरोप साबित हुए हैं। इस पूरी कानूनी कार्रवाई को बहरीन के आतंकवाद से सुरक्षा वाले कानून यानी Law on Protecting Society from Terrorist Acts (Decree-Law No. 58 of 2006) के तहत अंजाम दिया गया है, जिसकी जानकारी Public Prosecution Bureau की आधिकारिक वेबसाइट पर भी दी गई है।
विदेशी नागरिकों की संलिप्तता और सरकार की कड़ी नीति
गिरफ्तार किए गए और सजा पाने वाले लोगों में केवल स्थानीय लोग ही नहीं बल्कि विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। अदालत ने जासूसी के मामले में कुल 5 individuals को उम्रकैद की सजा सुनाई है, जिनमें 2 Afghan और 3 Bahraini नागरिक शामिल हैं। इन पर आरोप था कि वे ईरान के इशारे पर बहरीन की महत्वपूर्ण और प्रमुख प्रतिष्ठानों की रेकी कर रहे थे और उनकी तस्वीरें चुपचाप भेज रहे थे। इस सख्त कदम से एक दिन पहले ही सरकार ने ईरान समर्थित हमलों का समर्थन करने के आरोप में 69 individuals की नागरिकता भी रद्द कर दी थी।
इस मामले पर जानकारी देते हुए Advocate General Ahmed Al Hammadi, जो कि Chief of Terror Crimes Prosecution हैं, ने इन सभी अदालती फैसलों की पुष्टि की है। बहरीन के गृह मंत्रालय ने पहले भी ईरान समर्थित कई बड़े आतंकी षड्यंत्रों को नाकाम करने का दावा किया था, जिन्हें कथित तौर पर जनरल कासिम सुलेमानियों की मौत का बदला लेने के लिए तैयार किया गया था। बहरीन के विदेश मंत्री Abdullatif bin Rashid Al Zayani ने जुलाई 2026 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सामने ईरान की हरकतों को लगातार जारी रहने वाला आक्रामकता का पैटर्न बताया था। उन्होंने जानकारी दी थी कि बहरीन में 28 फरवरी 2026 से लेकर अब तक ऐसे हमलों के कारण आम नागरिकों के बीच 3 deaths और 465 injuries की घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं, जिससे खाड़ी देशों में सुरक्षा का माहौल काफी संवेदनशील बना हुआ है।