Balochistan Military Operation: पाकिस्तान के सैन्य हमले में बलोचिस्तान में किसान की मौत, ड्रोन और जेट विमानों से हो रही है बमबारी

पाकिस्तान के बलोचिस्तान प्रांत में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं जहां सुरक्षा बलों ने बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू कर दिया है। खारान जिले के लाजे इलाके में पाकिस्तानी सेना की मदद के लिए अब वायु सेना भी उतर चुकी है और लगातार सैन्य विमानों व ड्रोन से हमले किए जा रहे हैं। इसी बीच 15 अगस्त को हुए एक भीषण हमले में एक स्थानीय किसान की जान चली गई है, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
बलोचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट और सैन्य अभियान का दायरा
द बलोचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान का यह सैन्य अभियान गत 14 अगस्त को शुरू हुआ था। सुरक्षा बलों को वायु सेना का पूरा समर्थन मिल रहा है जिसके तहत जेट विमानों और आधुनिक ड्रोनों से उन संदिग्ध इलाकों में भारी बमबारी की जा रही है जहां विद्रोहियों की मौजूदगी बताई जाती है। स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इन हमलों की चपेट में आने से हाजी मलिक उस्मान सासोली के बेटे और किसान सुल्तान मोहम्मद की मौत हो गई। आसमान में अभी भी पाकिस्तानी सेना के ड्रोन और हेलीकॉप्टर लगातार मंडरा रहे हैं, जिसके चलते आम नागरिकों के बीच भारी डर का साया है और कई और लोगों के हताहत होने की आशंका जताई जा रही है।
कई जिलों में महिलाओं और बच्चों को बनाया गया निशाना
पाकिस्तानी सेना की कार्रवाई सिर्फ एक जगह तक सीमित नहीं है बल्कि सुराब जिले में भी सेना ने महिलाओं और बच्चों सहित 20 से ज्यादा आम नागरिकों को अपना निशाना बनाया है। खारान, समेट, खुजदार, जहरी और मुल्ला के अलग-अलग इलाकों में लगातार ड्रोन हमले किए जा रहे हैं जिनमें एक ही परिवार के कई सदस्यों के प्रभावित होने की खबर सामने आई है। पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों ने इन हमलों की पुष्टि करते हुए कहा है कि सेना केवल हथियारबंद संगठनों के ठिकानों को ही निशाना बना रही है, लेकिन आम नागरिकों को हो रहे नुकसान से स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
सुराब जिले में भारी तबाही और कर्फ्यू का एलान
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, 12 अगस्त को सुराब जिले के गदर गोंदन इलाके में पाकिस्तानी जेट विमानों द्वारा की गई बमबारी में कई लोग मारे गए और घायल हुए थे। इस घटना में मरने वालों और घायलों की कुल संख्या 27 बताई गई है। इस खूनी संघर्ष और सैन्य कार्रवाई के बाद बलोचिस्तान के राष्ट्रीय दलों और मानवाधिकार संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। दूसरी ओर, खुजदार पुलिस प्रशासन ने शहर में कर्फ्यू खत्म होने की खबरों को पूरी तरह से खारिज करते हुए इसे अफवाह बताया है। पुलिस ने साफ कर दिया है कि अगली सूचना तक हर दिन रात 8 बजे से सुबह 10 बजे तक कड़ा कर्फ्यू लागू रहेगा। इसके अलावा सुराब, कलात, मस्तुंग और नुश्की जिलों में भी पहले से ही कड़े प्रतिबंध और कर्फ्यू लागू किए जा चुके हैं।