Balochistan Attack: बलूचिस्तान में बिजली के ढांचे पर बड़ा हमला, दो हाई-वोल्टेज टावर उड़ाए गए.

पाकिस्तान के अशांत इलाके बलूचिस्तान से एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहाँ देश के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाते हुए एक बड़ा धमाका किया गया है। इस हमले की वजह से बिजली सप्लाई ठप होने की खबर है और आम जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अलगाववादी समूहों और सुरक्षा बलों के बीच चल रहे तनाव के बीच इस ताज़ा घटना ने इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर से बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय प्रशासन और बिजली विभाग के अधिकारी हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और नुकसान का जायजा लिया जा रहा है।
कहाँ और कैसे हुआ हमला
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह पूरी घटना बलूचिस्तान के नसीराबाद जिले में मीर हसन क्षेत्र के पास पीरू पुल इलाके में हुई है। यहाँ अज्ञात हमलावरों ने सुनियोजित तरीके से विस्फोटक का इस्तेमाल किया और बिजली के भारी-भरकम ढांचे को अपना निशाना बनाया। इस हमले की जिम्मेदारी बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स (बीआरजी) संगठन ने ली है। संगठन के प्रवक्ता दोस्तीन बलूच ने एक आधिकारिक बयान जारी कर यह दावा किया है कि उनके संगठन के सदस्यों ने इस पूरी घटना को अंजाम दिया है।
कितना हुआ नुकसान
इस खतरनाक धमाके में ओच पावर प्लांट से पंजाब की ओर जाने वाली 220 केवी की हाई-वोल्टेज बिजली ट्रांसमिशन लाइन को भारी क्षति पहुंची है। हमले के तुरंत बाद दो बिजली के टावर पूरी तरह से ज़मीन पर गिरकर ध्वस्त हो गए। इसके अलावा, इसी लाइन के दो अन्य टावरों को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है, जिससे बिजली सप्लाई का पूरा नेटवर्क बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस घटना के बाद से ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और बिजली विभाग के कर्मचारी सुरक्षा बलों की मदद से स्थिति को संभालने की कोशिश कर रहे हैं।
बीआरजी ने दी खुली चेतावनी
जिम्मेदारी लेते हुए बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स के प्रवक्ता ने साफ शब्दों में कहा है कि जब तक बलूचिस्तान को पूरी तरह से स्वतंत्रता नहीं मिल जाती, तब तक इस तरह के सैन्य और बुनियादी ढांचे पर हमले जारी रहेंगे। संगठन के इस बयान के बाद सुरक्षा एजेंसियों को और अधिक सतर्क कर दिया गया है। प्रांतीय प्रशासन इस बात की जांच कर रहा है कि इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद हमलावर विस्फोटक सामग्री लेकर वहां तक कैसे पहुंचे और उन्होंने इस बड़ी घटना को कैसे अंजाम दिया।
लगातार हो रहे हैं बुनियादी ढांचे पर हमले
गौरतलब है कि बलूचिस्तान में पिछले कुछ महीनों से अलगाववादी समूहों और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के बीच संघर्ष बहुत बढ़ गया है। विद्रोही संगठन लगातार पुलिस चौकियों, सैन्य शिविरों और देश के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहे हैं। इससे पहले भी इसी साल मई महीने में बीआरजी ने सिबी और सोहबतपुर जिलों में बिजली के टावरों को नुकसान पहुंचाया था और पाकिस्तानी रेंजर्स की एक चौकी पर हमला करने का दावा किया था। इसके बाद जून महीने में कच्छी जिले के सन्नी इलाके में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के एक शिविर पर भी हमले की बात सामने आई थी। लगातार हो रहे इन हमलों की वजह से पूरे इलाके में डर का माहौल बना हुआ है और आम जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।