पाकिस्तान के बलूचिस्तान में बड़ा धमाका, बिजली के दो टावर उड़ाए, बीआरजी ने ली जिम्मेदारी

पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बीते 08 अगस्त को नसीराबाद जिले के मीर हसन क्षेत्र में स्थित पीरू पुल के पास आतंकियों ने बुनियादी ढांचे को अपना निशाना बनाया। इस हमले में बिजली के दो हाई-वोल्टेज टावर पूरी तरह से तबाह हो गए, जबकि दो अन्य टावरों को भी काफी नुकसान पहुंचा है।
हमले की जिम्मेदारी और बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स का दावा
इस हमले के तुरंत बाद बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स (BRG) ने इसकी जिम्मेदारी ले ली है। संगठन के प्रवक्ता दोस्तीन बलूच ने मीडिया को बताया कि उनके सदस्यों ने एक सटीक ऑपरेशन को अंजाम देते हुए उस 220 केवी की बिजली लाइन को निशाना बनाया, जो ओच पावर प्लांट से निकलकर पंजाब की ओर जाती है। इन टावरों पर विस्फोटकों का इस्तेमाल किया गया, जिसके कारण बिजली आपूर्ति तंत्र को भारी क्षति पहुंची है। संगठन ने चेतावनी देते हुए कहा है कि जब तक बलूचिस्तान को आजादी नहीं मिल जाती, तब तक वे सरकारी संपत्ति और बुनियादी ढांचे पर ऐसे हमले जारी रखेंगे।
लगातार तनाव का केंद्र बना बलूचिस्तान
बलूचिस्तान में अलगाववादी समूहों और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के बीच लंबे समय से संघर्ष चल रहा है। पिछले कुछ महीनों में बलूच संगठनों ने न केवल सैन्य और पुलिस प्रतिष्ठानों पर हमले तेज किए हैं, बल्कि वे महत्वपूर्ण सरकारी ढांचे को भी निशाना बना रहे हैं। इससे पहले मई के महीने में भी बीआरजी ने सिबी और सोहबतपुर जिलों में बिजली के टावरों को नुकसान पहुंचाया था और पाकिस्तानी रेंजर्स की एक चौकी पर हमला किया था।
इसी तरह जून में कच्छी जिले के सन्नी इलाके में भी सुरक्षा बलों के एक शिविर पर हमला हुआ था, जिसकी जिम्मेदारी भी इसी समूह ने ली थी। स्थानीय खबरों के अनुसार, इन हमलों के कारण न केवल बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि आम नागरिकों को भी बिजली कटौती और सुरक्षा संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। यह पूरी स्थिति बलूचिस्तान के भीतर बिगड़ते सुरक्षा हालातों और बढ़ती अशांति की ओर इशारा करती है, जिससे इलाके में रहने वाले आम लोगों के बीच डर का माहौल बना हुआ है। हिन्दुस्थान समाचार की रिपोर्ट के अनुसार, प्रशासन इन घटनाओं को लेकर फिलहाल जांच में जुटा है।