Bangladesh Accident: बांग्लादेश में भीषण सड़क हादसे, दो अलग-अलग घटनाओं में सात मजदूरों समेत 15 लोगों की दर्दनाक मौत.

बांग्लादेश की सड़कें इन दिनों लगातार खून से लाल हो रही हैं और आए दिन होने वाले सड़क हादसे आम लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ रहे हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों में हुए दो भीषण सड़क हादसों में कुल 15 लोगों की मौत हो गई है, जिसमें सात मजदूर भी शामिल हैं जो काम की तलाश में सड़क किनारे खड़े थे। इन लगातार बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं ने पूरे देश में सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है और आम जनता के बीच प्रशासन के खिलाफ भारी गुस्सा देखने को मिल रहा है। सड़क सुरक्षा से जुड़े संगठनों के आंकड़े बताते हैं कि स्थिति बेहद डरावनी होती जा रही है और अकेले पिछले महीने जुलाई के दौरान सड़क हादसों में सैकड़ों बेकसूर लोगों की जान जा चुकी है।
बोगरा में मजदूरों पर काल बनकर टूटी तेज रफ्तार बस
शुक्रवार की सुबह लगभग 5:30 बजे बोगरा सदर के सिल्कीबांधा इलाके के एरुलिया क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा पेश आया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, काम की तलाश में सड़क किनारे खड़े कुछ गरीब मजदूरों को एक निजी बस ने अपनी चपेट में ले लिया। इस भयानक हादसे में मौके पर ही सात मजदूरों की मौत हो गई और लगभग 15 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। बोगरा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मीडिया) अताउर रहमान ने इस दुखद घटना की पूरी पुष्टि की है। पुलिस और वहां मौजूद चश्मदीदों ने बताया कि ढाका से नाओगांव की तरफ जा रही शाह फतेह अली परिवहन कंपनी की बस बारिश की वजह से गीली और फिसलन भरी सड़क पर बेकाबू हो गई। बस फिसलते हुए सीधे बिजली के खंभे से जा टकराई और वहां खड़े मजदूरों को अपने साथ घसीटते हुए दूर तक ले गई।
इस हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि तीन मजदूरों ने तो मौके पर ही दम तोड़ दिया था, जबकि चार अन्य मजदूरों ने शहीद जियाउर रहमान मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ा। सूचना मिलते ही फायर सर्विस और सिविल डिफेंस के जांबाज़ कर्मचारियों ने स्थानीय नागरिकों की मदद से सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां कई लोगों की हालत अभी भी बेहद नाजुक बनी हुई है। प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक अभी तक सिर्फ चार मृतकों की पहचान हो पाई है, जिनके नाम गाइबांधा के गोबिंदागंज के रहने वाले अमीरुल इस्लाम और नूर आलम, बोगरा सदर के फापोर के बेलाल हुसैन और जॉयपुरहाट के ताजमुल हैं।
गुस्साए लोगों ने हाईवे किया जाम और की स्पीड ब्रेकर की मांग
इस दर्दनाक हादसे के तुरंत बाद स्थानीय निवासियों और गुस्से में आए बाकी मजदूरों ने मिलकर बोगरा-नाओगांव हाइवे को पूरी तरह से जाम कर दिया। प्रदर्शन कर रहे लोगों की मुख्य मांग थी कि इस खतरनाक सड़क पर तुरंत स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके। स्थानीय किसान मिजानुर रहमान ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि सिल्कीबांधा इलाके में अक्सर तेज रफ्तार वाहन हादसों का सबब बनते हैं और यहां स्पीड ब्रेकर होना बहुत जरूरी है। वहीं एरुलिया यूनियन परिषद के चेयरमैन अतीकुर रहमान अतीक ने बताया कि प्रशासन के साथ बातचीत का दौर जारी है और जैसे ही सड़क पर स्पीड ब्रेकर बनाने का काम शुरू होगा, वैसे ही इस रास्ते के जाम को पूरी तरह से खत्म कर दिया जाएगा ताकि आम जनता को आवाजाही में कोई परेशानी न हो।
सिलहट में दो बसों की आमने-सामने की जोरदार टक्कर
अभी बोगरा के हादसे की टीस कम भी नहीं हुई थी कि देश में सड़क दुर्घटना का एक और बड़ा मामला सिलहट के ओस्मानीनगर उप जिला के दयामीर इलाके में सामने आ गया। यहाँ दो तेज रफ्तार बसों की आमने-सामने की भीषण टक्कर में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई और लगभग 25 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। ओस्मानीनगर थाना प्रभारी गोलम मुस्तफ़ा ने इस हादसे के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि फिलहाल सभी मृतकों और घायलों की आधिकारिक पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस के अनुसार, ढाका से सिलहट की तरफ जा रही 'बंगाल परिवहन' की बस और सिलहट से ढाका की तरफ जा रही 'यूनिक परिवहन' की बस की आपस में आमने-सामने की सीधी टक्कर हो गई थी।
पुलिस ने बताया कि दोनों बसों की टक्कर इतनी जोरदार और खतरनाक थी कि 'यूनिक परिवहन' की बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गहरी खाई में जा गिरी। अपनी जान गंवाने वाले सभी बदकिस्मत यात्री इसी खाई में गिरने वाली बस के सवार थे। इस भीषण हादसे में अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहे सभी घायलों को तुरंत सिलहट के एमएजी ओस्मानी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट्स के अनुसार, बांग्लादेश की सड़कों को आम नागरिकों के लिए सुरक्षित बनाने के सरकारी प्रयासों के सामने अभी भी बहुत बड़ी और गंभीर चुनौतियां खड़ी हैं। रोड सेफ्टी फ़ाउंडेशन द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक अकेले जुलाई महीने के दौरान देश भर में कुल 458 सड़क हादसे दर्ज किए गए, जिनमें बेरहमी से 416 बेकसूर लोगों कीमती जान चली गई।