Bangladesh संकट: अर्थव्यवस्था बिगड़ी, जनता कर रही Sheikh Hasina की वापसी की मांग

बांग्लादेश इस समय एक गंभीर आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है, जहां आम जनता के हालात दिन-ब-दिन खराब होते जा रहे हैं। Human Rights Watch के सेक्रेटरी जनरल Mohammed Ali Siddiqui ने बुधवार, 5 अगस्त 2026 को यह बात कही कि देश की स्थिति बहुत नाजुक बनी हुई है। उन्होंने बताया कि लोग अब पूर्व प्रधानमंत्री Sheikh Hasina की वापसी की मांग कर रहे हैं, क्योंकि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में आर्थिक मोर्चे पर बड़ी गिरावट देखने को मिली है।
अर्थव्यवस्था का गिरता ग्राफ और बेरोजगारी का संकट
आंकड़ों पर गौर करें तो बांग्लादेश की GDP ग्रोथ रेट जो पहले लगातार 6.5% या उससे अधिक हुआ करती थी, वह अब गिरकर मात्र 2.2% पर आ गई है। इस आर्थिक मंदी के कारण देश में करीब 30 लाख लोगों की नौकरियां चली गई हैं, जिसका सबसे बुरा असर गारमेंट्स इंडस्ट्री में काम करने वाली महिलाओं पर पड़ा है। ANI News की रिपोर्ट के मुताबिक, आम नागरिक अब फिर से पूर्व प्रधानमंत्री के शासनकाल को याद कर रहे हैं।
एक्स-प्रधानमंत्री Sheikh Hasina, जो फिलहाल भारत में निर्वासन में हैं, ने अपने कार्यकाल का बचाव करते हुए कहा कि उनके समय में GDP ग्रोथ 6.8% थी। उन्होंने वर्तमान सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि देश में पिछले 54 सालों में पहली बार औद्योगिक विकास दर नकारात्मक रही है। साथ ही बैंक लोन डिफॉल्ट 13% से बढ़कर 47% हो गए हैं और गरीबी की दर 18.6% से उछलकर 46.8% तक पहुंच गई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि Prime Minister Tarique Rahman के शासन में लगभग 2 करोड़ लोग बेरोजगार हो गए हैं।
अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं की चेतावनी
सिर्फ पूर्व प्रधानमंत्री ही नहीं, बल्कि वैश्विक संस्थाओं ने भी बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। S&P Global ने जुलाई 2026 में बांग्लादेश की रेटिंग को स्थिर से नकारात्मक कर दिया है। इसका मुख्य कारण बैंकिंग सेक्टर में कमजोरी, महंगाई और सरकारी खजाने पर दबाव बताया गया है। वहीं, World Bank ने भी मई 2026 में चेतावनी दी थी कि बांग्लादेश अपनी दशकों की सबसे खराब आर्थिक स्थिति का सामना कर रहा है और FY2026 में ग्रोथ रेट 3.9% तक सिमट सकती है।
वर्तमान सरकार का रुख
मौजूदा बांग्लादेश सरकार ने इन दावों पर तत्काल कोई औपचारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन वे पहले ही आर्थिक मुश्किलों के लिए पुरानी सरकार के कार्यकाल में हुए भ्रष्टाचार को जिम्मेदार ठहराते रहे हैं। सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री Sheikh Hasina के बयानों को मीडिया में चलाने पर भी 4 अगस्त 2026 को रोक लगा दी है। वहीं, भारत सरकार ने साफ किया है कि इन बयानों या किसी राजनीतिक गतिविधि में उनकी कोई भूमिका नहीं है और वे किसी भी राजनीतिक विचार का समर्थन नहीं करते हैं।