बांग्लादेश सरकार की मीडिया को सख्त चेतावनी, शेख हसीना का भाषण प्रकाशित या प्रसारित करने पर होगी कड़ी कार्रवाई

Praggya Singh sabal7 August 20263 min read71 viewsWorld
बांग्लादेश सरकार की मीडिया को सख्त चेतावनी, शेख हसीना का भाषण प्रकाशित या प्रसारित करने पर होगी कड़ी कार्रवाई

बांग्लादेश की वर्तमान अंतरिम सरकार ने देश के मीडिया संस्थानों के लिए एक बेहद कड़ा और स्पष्ट संदेश जारी किया है। सूचना एवं प्रसारण सलाहकार डॉ. जाहिद उर रहमान ने साफ तौर पर कहा है कि यदि कोई भी मीडिया संस्थान अदालत के आदेशों का उल्लंघन करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के भाषणों को प्रकाशित या प्रसारित करता है, तो सरकार उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी। यह निर्देश मुख्य रूप से उन मीडिया समूहों के लिए है जो अदालत द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों को दरकिनार करने की कोशिश कर सकते हैं।

सचिवालय में दी गई चेतावनी

सचिवालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान डॉ. जाहिद उर रहमान ने जानकारी दी कि सरकार ने इस मामले में मीडिया को पहले ही परामर्श जारी कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर कोई मीडिया संस्थान पहले से यह घोषणा करता है कि शेख हसीना भाषण देंगी और उसके बाद उसका प्रसारण या प्रकाशन करता है, तो इसे सीधे तौर पर अदालत के आदेश की अवहेलना के रूप में देखा जाएगा। ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने जोर देकर कहा कि अदालत के निर्देशों का पालन करना देश के हर नागरिक और संस्था की जिम्मेदारी है। सरकार केवल यह सुनिश्चित कर रही है कि न्यायिक फैसलों को पूरी तरह लागू किया जाए।

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सलाहकार ने अपनी व्यक्तिगत राय रखते हुए यह भी जोड़ा कि यदि अदालत का आदेश नहीं होता, तो शायद वह भाषणों पर रोक लगाने का समर्थन नहीं करते। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कानून के शासन के तहत यदि किसी को अदालत के आदेश से कोई असहमति है, तो उसे सक्षम अदालत में चुनौती देने का अधिकार है। जब तक वह आदेश प्रभाव में है, तब तक हर किसी को इसका पालन करना ही होगा।

प्रशासनिक सुधारों और बेनजीर अहमद का मामला

जब उनसे यह सवाल किया गया कि पूर्व पुलिस महानिरीक्षक बेनजीर अहमद की जमानत की खबर सरकार को दो-तीन दिन देरी से क्यों मिली, तो सलाहकार ने कहा कि फिलहाल इस पर कोई तुरंत स्पष्टीकरण देना संभव नहीं है। इसके अलावा, प्रशासन में पुरानी सरकार के प्रभाव के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि 5 अगस्त को शेख हसीना की सरकार का पतन और उनका देश छोड़कर जाना बांग्लादेश के इतिहास की एक बड़ी घटना है। पिछले 15 वर्षों से प्रशासन के विभिन्न पदों पर तैनात अधिकारियों को रातों-रात बदलना आसान काम नहीं है। सरकार इस प्रक्रिया पर काम कर रही है, लेकिन इतने बड़े बदलाव के लिए समय की आवश्यकता है।

भारत के साथ कूटनीतिक तनाव

बांग्लादेश ने नई दिल्ली में होने वाले शेख हसीना के संभावित वर्चुअल संबोधन को लेकर भारत से स्पष्टीकरण मांगा है। 5 अगस्त को फॉरेन कॉरेस्पॉन्डेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया के एक कार्यक्रम में शेख हसीना के शामिल होने की चर्चा के बाद ढाका ने भारतीय उच्चायुक्त के सामने अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। बांग्लादेश का तर्क है कि भारतीय जमीन से किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधियां या संबोधन दोनों देशों के बीच के सकारात्मक संबंधों को प्रभावित कर सकती हैं। भारतीय पक्ष ने इस पूरे मामले की जांच करने और स्थिति पर सतर्क रहने का भरोसा दिलाया है। अधिक जानकारी के लिए आप ढाका ट्रिब्यून की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।

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