बांग्लादेश सरकार की मीडिया को चेतावनी, शेख हसीना के भाषण प्रसारित किए तो होगी सख्त कार्रवाई

बांग्लादेश सरकार ने मीडिया संस्थानों को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि वे पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के भाषणों को प्रकाशित या प्रसारित करने से बचें। सरकार के सूचना एवं प्रसारण सलाहकार डॉ. जाहिद उर रहमान ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी मीडिया संस्थान अदालत के आदेश का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अदालत के आदेश का पालन अनिवार्य
सचिवालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में सलाहकार ने कहा कि सरकार ने इस संबंध में पहले ही मीडिया के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने जोर दिया कि अदालत के फैसलों का पालन करना हर नागरिक और संस्था की जिम्मेदारी है। उन्होंने व्यक्तिगत राय रखते हुए कहा कि अगर कोर्ट का आदेश नहीं होता, तो वे भाषणों पर रोक का समर्थन नहीं करते, लेकिन कानून के शासन के लिए सभी को वर्तमान आदेश मानना होगा।
प्रशासन में बदलाव की प्रक्रिया जारी
सरकार की ओर से यह भी बताया गया कि पिछली सरकार के प्रभाव को रातों-रात खत्म करना संभव नहीं है। प्रशासनिक अधिकारियों में बदलाव की प्रक्रिया चल रही है और इसमें समय लगेगा। वहीं, नई दिल्ली में आयोजित होने वाले एक कार्यक्रम में शेख हसीना के संभावित वर्चुअल संबोधन को लेकर ढाका ने भारतीय उच्चायुक्त के सामने अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। सरकार का मानना है कि भारतीय जमीन से ऐसी राजनीतिक गतिविधियां दोनों देशों के संबंधों पर असर डाल सकती हैं। भारत ने स्थिति की जांच करने और सतर्क रहने का आश्वासन दिया है। आप इस पूरी खबर की जानकारी हिन्दुस्थान समाचार की रिपोर्ट के माध्यम से देख सकते हैं।