बांग्लादेश में सड़क हादसों का कहर, दो अलग-अलग दुर्घटनाओं में 15 लोगों की दर्दनाक मौत.

Aanya7 August 20262 min read69 viewsWorld
बांग्लादेश में सड़क हादसों का कहर, दो अलग-अलग दुर्घटनाओं में 15 लोगों की दर्दनाक मौत.

बांग्लादेश की सड़कों पर शुक्रवार का दिन बेहद दुखद रहा, जहां दो अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में कुल 15 लोगों की जान चली गई। इन हादसों में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। सड़क सुरक्षा को लेकर देश में एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, क्योंकि जुलाई के महीने में ही सड़क हादसों में 416 लोगों की जान जा चुकी है।

बोगरा में मजदूरों पर काल बनकर टूटी बस

पहली घटना शुक्रवार सुबह करीब 5:30 बजे बोगरा सदर के सिल्कीबांधा इलाके में घटी। ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, काम की तलाश में सड़क किनारे खड़े 7 मजदूरों को एक निजी बस ने कुचल दिया। पुलिस के मुताबिक, ढाका से नाओगांव जा रही 'शाह फतेह अली' परिवहन की बस बारिश के कारण गीली सड़क पर फिसल गई और अनियंत्रित होकर बिजली के खंभे से टकराते हुए वहां खड़े मजदूरों को चपेट में ले लिया। इस हादसे में 7 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 15 अन्य लोग घायल हुए हैं। तीन मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य ने शहीद जियाउर रहमान मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दम तोड़ दिया। मृतकों में अमीरुल इस्लाम, नूर आलम, बेलाल हुसैन और ताजमुल शामिल हैं। हादसे से आक्रोशित स्थानीय लोगों ने राजमार्ग पर जाम लगा दिया और प्रशासन से वहां स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग की। एरुलिया यूनियन परिषद के चेयरमैन अतीकुर रहमान अतीक का कहना है कि प्रशासन के साथ इस संबंध में बातचीत चल रही है।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

सिलहट में दो बसों की सीधी टक्कर

दूसरी बड़ी दुर्घटना सिलहट के ओस्मानीनगर उप जिला के दयामीर में हुई। यहां 'बंगाल परिवहन' और 'यूनिक परिवहन' की दो बसों की आपस में जोरदार टक्कर हो गई। इस भीषण हादसे में 8 लोगों की जान गई और लगभग 25 यात्री घायल हुए। पुलिस के अनुसार, टक्कर इतनी भयानक थी कि यूनिक परिवहन की बस सड़क किनारे गहरी खाई में जा गिरी, और जान गंवाने वाले सभी यात्री उसी बस में सवार थे। ओस्मानीनगर थाना प्रभारी गोलम मुस्तफ़ा ने बताया कि घायलों को तुरंत सिलहट के एमएजी ओस्मानी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

देश में बढ़ते सड़क हादसों ने प्रशासन की चिंताओं को बढ़ा दिया है। रोड सेफ्टी फ़ाउंडेशन की रिपोर्ट के मुताबिक, केवल जुलाई महीने में ही 458 सड़क हादसे हुए, जिनमें 416 लोगों की मृत्यु हुई। सरकार और संबंधित विभाग अब इन हादसों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की चुनौती का सामना कर रहे हैं। आम लोगों का मानना है कि सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन और सड़कों की खराब स्थिति में सुधार ही इन हादसों को कम करने का एकमात्र रास्ता है।

Share:

Comments

Leave a comment