सऊदी अरब के मक्का अलायंस में शामिल होने के लिए बांग्लादेश ने जताई इच्छा, रक्षा समझौते पर कही बड़ी बात

Praggya Singh sabal22 August 20262 min read68 viewsSaudi
सऊदी अरब के मक्का अलायंस में शामिल होने के लिए बांग्लादेश ने जताई इच्छा, रक्षा समझौते पर कही बड़ी बात

बांग्लादेश ने सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के त्रिपक्षीय रक्षा समझौते मक्का अलायंस में शामिल होने की औपचारिक इच्छा जताई है। इस बात की जानकारी बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर ने 20 अगस्त 2026 को दी है। उन्होंने बताया कि उनका देश इस आर्थिक और रक्षा ढांचे में शामिल होने के लिए सकारात्मक रुख रखता है। इस कदम से क्षेत्रीय कूटनीति में एक नया मोड़ आ गया है जिसपर आसपास के देशों की भी पूरी नजर बनी हुई है।

मक्का संयुक्त रक्षा समझौते की मुख्य बातें

यह पूरा गठबंधन 7 अगस्त 2026 को साइन किए गए मक्का ज्वाइंट डिफेंस एग्रीमेंट पर टिका हुआ है। इस समझौते पर सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, तुर्की के राष्ट्रपति रेचप तय्यप एर्दोआन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने हस्ताक्षर किए थे। इस सामूहिक सुरक्षा नियम के तहत अगर किसी एक भी सदस्य देश पर हमला होता है तो उसे सभी सदस्यों पर हमला माना जाएगा। यह ढांचा सितंबर 2025 में सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच हुए स्ट्रैटेजिक म्यूचुअल डिफेंस एग्रीमेंट को और आगे बढ़ाता है।

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राष्ट्रीय हितों को परख कर होगा फैसला

हुमायूं कबीर ने साफ किया कि इस अलायंस में शामिल होना इस बात पर निर्भर करेगा कि बांग्लादेश के राष्ट्रीय हित इसमें कहां टिकते हैं और ग्लोबल ट्रेड में क्या बदलाव आ रहे हैं। बांग्लादेश के अलावा ऐसी भी खबरें आ रही हैं कि मिस्र भी इस गठबंधन में जुड़ने के बारे में विचार कर रहा है। इस संभावित विस्तार से पड़ोसी देशों की सरकारों की चिंता बढ़ गई है और वे पश्चिम एशिया की हर गतिविधि पर बारीक नजर रख रहे हैं।

क्षेत्रीय सुरक्षा और भारत की प्रतिक्रिया

पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच इस विस्तार को लेकर भारत भी सतर्क हो गया है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध के माहौल को देखते हुए भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 21 अगस्त 2026 को यह कंफर्म किया कि नई दिल्ली पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों पर पूरी नजर बनाए हुए है। भारत की यह चिंता क्षेत्र की स्थिरता को लेकर है क्योंकि इस तरह के नए सैन्य समझौते क्षेत्रीय समीकरणों को पूरी तरह बदल सकते हैं।

बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच मजबूत होते रिश्ते

इन सब के बीच इस बात की भी बहुत चर्चा है कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारीख रहमान जल्द ही रियाद का दौरा कर सकते हैं। ढाका लगातार पाकिस्तान के साथ अपने व्यापारिक और कूटनीतिक रिश्तों को मजबूत करने में लगा हुआ है। अब देखना यह होगा कि बांग्लादेश इस मक्का अलायंस का हिस्सा आधिकारिक तौर पर कब बनता है और इससे दक्षिण एशिया के साथ-साथ खाड़ी देशों की राजनीति पर क्या असर पड़ता है।

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