Bangladesh: ढाका से रंगपुर तक छात्र संगठनों में खूनी संघर्ष, 70 से अधिक छात्र घायल, प्रशासन अलर्ट पर

बांग्लादेश में एक बार फिर शैक्षणिक संस्थानों का माहौल तनावपूर्ण हो गया है। कभी लोकतांत्रिक जागृति का केंद्र रहे यूनिवर्सिटी कैंपस अब दो अलग-अलग छात्र संगठनों के बीच लड़ाई का मैदान बन गए हैं। रंगपुर से लेकर राजधानी ढाका तक हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र घायल हुए हैं। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि यूनिवर्सिटी प्रशासन को पुलिस बल तैनात करना पड़ा और पूरे मामले की जांच के लिए विशेष समितियों का गठन किया गया है।
हिंसा की शुरुआत और कारण
हिंसा का मुख्य कारण विचारधारा और कैंपस पर वर्चस्व की लड़ाई बताया जा रहा है। ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, सबसे पहले सोमवार की शाम को बेगम रोकेया यूनिवर्सिटी में हिंसा हुई। यह हंगामा तब शुरू हुआ जब जुलाई विद्रोह दिवस के मौके पर एक प्रदर्शनी लगाई गई थी। विवाद का कारण एक बैनर बना, जिस पर 1971 के मुक्ति संग्राम के दौरान अपराधों के दोषी ठहराए गए नेताओं की तस्वीरें थीं। छात्र दल के सदस्यों ने इस बैनर पर आपत्ति जताई, जिसके बाद दोनों गुटों में जमकर लाठी-डंडे चले। करीब पांच घंटे तक परिसर में अफरातफरी का माहौल बना रहा और दोनों गुटों के पास लोहे की छड़ें और धारदार हथियार देखे गए।
ढाका तक फैला विरोध और घायलों की स्थिति
यह तनाव मंगलवार सुबह ढाका तक पहुंच गया। राजधानी के जगन्नाथ यूनिवर्सिटी में एक डॉक्यूमेंट्री स्क्रीनिंग के दौरान स्थिति तब बिगड़ी जब अलग-अलग छात्र संगठन आमने-सामने आ गए। उस समय वहां यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन के चेयरमैन प्रो. डॉ. मामून अहमद भी मौजूद थे। झड़प इतनी बढ़ गई कि यह नेशनल मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल तक पहुंच गई, जहां घायल छात्रों को भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों के मुताबिक, मंगलवार शाम तक 70 से ज्यादा लोग इलाज के लिए पहुंचे।
हिंसा केवल यहीं तक सीमित नहीं रही। ढाका कॉलेज में भी छात्रों ने ईंट-पत्थर फेंके और लाठियों का खुलेआम प्रदर्शन किया, जिसमें लगभग 20 छात्र घायल हुए। वहीं, बख्शी बाजार स्थित गवर्नमेंट मदरसा-ए-आलिया में भी झड़प हुई, जिसमें प्रिंसिपल समेत कई लोग चोटिल हो गए। इन घटनाओं में छात्र दल, शिबिर, जातीय छात्र शक्ति और सेंट्रल स्टूडेंट्स यूनियन के नेता शामिल हैं।
प्रशासन की कार्रवाई
लगातार हो रही हिंसा को देखते हुए सरकार ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी है। ढाका के प्रमुख शिक्षण संस्थानों के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिए गए हैं। बेगम रोकेया यूनिवर्सिटी और जगन्नाथ यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अलग-अलग जांच समितियों का गठन किया है, जो इस हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करेंगी। फिलहाल कैंपस में तनाव का माहौल बना हुआ है और प्रशासन शांति बनाए रखने की कोशिश कर रहा है। हिंसा में घायल हुए कई पत्रकारों को भी चोटें आई हैं, जिससे स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।