बड़ी खबर: बांग्लादेशी टका ने दिखाया दम, दक्षिण एशिया की सबसे मजबूत मुद्राओं में हुआ शामिल

दक्षिण एशिया की अर्थव्यवस्था में जारी हलचल के बीच बांग्लादेशी मुद्रा 'टका' ने अपनी मजबूती का लोहा मनवाया है। बांग्लादेश बैंक की ताजा तिमाही रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च 2025 से मार्च 2026 के बीच बांग्लादेशी टका अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मात्र 0.59 प्रतिशत ही कमजोर हुआ है। यह प्रदर्शन पड़ोसी देशों की तुलना में काफी बेहतर रहा है।
मुद्रा की मजबूती के पीछे की असली वजह
बांग्लादेश बैंक ने अपनी आधिकारिक रिपोर्ट में बताया है कि टका की यह स्थिरता विदेशी मुद्रा प्रबंधन में सुधार और मई 2025 में लागू की गई बाजार-आधारित विनिमय दर व्यवस्था का नतीजा है। इसके अलावा, विदेश से आने वाले रेमिटेंस और देश से होने वाले निर्यात की मजबूत कमाई ने अर्थव्यवस्था को सहारा दिया है। यही कारण है कि देश का विदेशी मुद्रा भंडार भी तेजी से बढ़ा है।
विदेशी मुद्रा भंडार और वित्तीय आंकड़े
आंकड़ों के अनुसार, 30 जुलाई 2026 तक देश का ग्रॉस विदेशी मुद्रा भंडार 31.60 बिलियन डॉलर था, जो महज कुछ दिनों के भीतर 4 अगस्त 2026 तक बढ़कर 36.59 बिलियन डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। जुलाई 2026 में कुल रेमिटेंस 2.85 बिलियन डॉलर रहा, जो पिछले साल के इसी महीने की तुलना में 15 प्रतिशत ज्यादा है। इसके अलावा, अगस्त के शुरुआती पांच दिनों में ही 602 मिलियन डॉलर की राशि देश में आई है।
| विवरण | आंकड़ा (जुलाई 2026) |
|---|---|
| कुल रेमिटेंस | $2.85 Billion |
| मर्चेंडाइज निर्यात | $4.72 Billion |
| विदेशी मुद्रा भंडार (4 अगस्त) | $36.59 Billion |
बांग्लादेश बैंक ने 30 जुलाई 2026 को अपनी पॉलिसी रेट में 50 बेसिस पॉइंट्स की कटौती करते हुए इसे 9.5 प्रतिशत कर दिया है। बैंक का मानना है कि वैश्विक महंगाई में कमी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमोडिटी की कीमतों में स्थिरता के कारण यह निर्णय लेना आसान हुआ।
क्षेत्रीय मुद्राओं के साथ तुलना
क्षेत्रीय स्तर पर अन्य मुद्राओं की स्थिति पर नजर डालें तो भारतीय रुपया इसी दौरान 8.94 प्रतिशत और श्रीलंकाई रुपया 5.11 प्रतिशत कमजोर हुआ है। तुलनात्मक रूप से, केवल कंबोडिया की मुद्रा ही बांग्लादेशी टका से थोड़ा बेहतर प्रदर्शन कर पाई, जो कि 0.44 प्रतिशत की गिरावट के साथ सबसे मजबूत स्थिति में रही।
अधिक जानकारी के लिए आप Bangladesh Bank की आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं। यह रिपोर्ट उन सभी लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो दक्षिण एशियाई अर्थव्यवस्थाओं में बदलाव और वित्तीय स्थिरता को करीब से देखते हैं।