Oman: स्ट्रेट ऑफ़ हॉर्मूज पर ईरान और ओमान की बातचीत से कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट.

Sushma Kumari26 August 20263 min read74 viewsOman
Oman: स्ट्रेट ऑफ़ हॉर्मूज पर ईरान और ओमान की बातचीत से कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट.

वैश्विक तेल बाजारों में 26 अगस्त 2026 को उस समय एक बड़ा बदलाव देखने को मिला, जब ब्रेंट क्रूड वायदा में लगभग 2% की गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती बुधवार के कारोबार के दौरान ब्रेंट क्रूड गिरकर $86.80 प्रति बैरल पर आ गया, जिससे पिछले दिनों से चले आ रहे दामों में कमी का सिलसिला आगे भी जारी रहा। अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड वायदा भी नीचे की ओर फिसला और यह $80.87 से $80.99 प्रति बैरल के दायरे में कारोबार करता हुआ दिखाई दिया। इस पूरी स्थिति ने दुनिया भर के ऊर्जा बाजारों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है और आम लोगों से लेकर बड़े निवेशकों तक की नजरें इस पर टिकी हुई हैं।

स्ट्रेट ऑफ़ हॉर्मूज पर कूटनीतिक बातचीत और समझौते

तेल की कीमतों में आई इस अचानक गिरावट के पीछे मुख्य वजह ईरान और ओमान के बीच फिर से शुरू हुई कूटनीतिक बातचीत है। दोनों देशों ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण जलमार्गों में से एक, स्ट्रेट ऑफ़ हॉर्मूज के रणनीतिक प्रबंधन को लेकर चर्चा शुरू की है। बता दें कि इसी रास्ते से दुनिया भर का एक-तिहाई तेल और Liquefied Natural Gas (LNG) गुजरता है। ओमान की खाड़ी और इस क्षेत्र की महत्ता को देखते हुए दोनों देश एक 'संयुक्त अस्थायी नेविगेशनल कॉरिडोर' बनाने पर विचार कर रहे हैं। इसके साथ ही, मार्ग से बारूदी सुरंगों को साफ करने पर भी सहमति बन गई है। Emirates News Agency (WAM) की रिपोर्ट के अनुसार, इस भू-राजनीतिक बदलाव का सीधा असर ऊर्जा बाजार की अस्थिरता पर पड़ा है।

बाजार विशेषज्ञों की राय और अमरीकी प्रतिबंध

Fujitomi Securities के विश्लेषक Mitsuru Muraishi ने बताया कि जलडमरूमध्य में कूटनीतिक समाधान की उम्मीदों के कारण बाजार में बिकवाली शुरू हुई। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि अनिश्चितता अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, जिसके कारण लोग सस्ते दामों पर तेल खरीदने में लगे हुए हैं और कीमतें बहुत ज्यादा नीचे नहीं गिर पा रही हैं। वहीं, Saxo Bank के कमोडिटी रणनीति प्रमुख Ole Hansen का मानना है कि अमेरिका और इजराइल के साथ चल रहे तनाव में अब सैन्य टकराव के बजाय आर्थिक दबाव की बात सामने आने लगी है, जिससे बाजार का डर थोड़ा कम हुआ है। इसके विपरीत, KCM के मुख्य बाजार विश्लेषक Tim Waterer ने चेतावनी दी है कि ईरान के पास जहाजरानी को बाधित करने की क्षमता अभी भी है, जिससे तेल की कीमतों में थोड़ा प्रीमियम बना हुआ है। दूसरी ओर, अमरीकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent द्वारा ईरान पर वित्तीय दबाव लगातार बढ़ाया जा रहा है। अमेरिकी प्रशासन ने मुख्य भूमि चीन और हांगकांग के लक्ष्यों समेत 70 से अधिक ईरान से जुड़े संगठनों, व्यक्तियों और जहाजों पर सीधे प्रतिबंध लगा दिए हैं और बैंकिंग क्षेत्र पर शिकंजा कसा हुआ है। यह कार्रवाई 25 अगस्त को ओमान के Ash Shishah के पास एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल द्वारा तेल टैंकर को नुकसान पहुँचाए जाने के बाद सामने आई है। अमेरिकी प्रशासन ने साफ कर दिया है कि ईरान का समर्थन करने वाली विदेशी सरकारों और वित्तीय संस्थानों पर भी कड़े प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।

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