चीन ने जुलाई में बढ़ाई रिफाइंड फ्यूल की बिक्री, ओमान और हॉर्मुज जलडमरूमध्य तनाव के बीच बड़ा फैसला

Sushma Kumari18 August 20263 min read62 viewsWorld
चीन ने जुलाई में बढ़ाई रिफाइंड फ्यूल की बिक्री, ओमान और हॉर्मुज जलडमरूमध्य तनाव के बीच बड़ा फैसला

चीन ने इस साल जुलाई 2026 में अपने रिफाइंड फ्यूल के निर्यात में बढ़ोतरी की है। बीजिंग प्रशासन ने संघर्ष के बाद लगाए गए प्रतिबंधों में ढील देना शुरू कर दिया है, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में यह बदलाव देखने को मिला है। सीमा शुल्क विभाग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, चीन से इस दौरान ईंधन की सप्लाई में तेजी आई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी इसका असर पड़ रहा है।

जुलाई में बढ़ा निर्यात और पिछले आंकड़ों की स्थिति

Reuters और Al Jazeera English की रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई महीने में चीन का रिफाइंड प्रोडक्ट का निर्यात बढ़कर 4.65 मिलियन मीट्रिक टन पहुंच गया। इससे पहले जून के महीने में यह आंकड़ा 4.36 मिलियन मीट्रिक टन दर्ज किया गया था, यानी जून के मुकाबले जुलाई में मामूली बढ़त देखने को मिली है। हालांकि, अगर इस साल के शुरुआती सात महीनों यानी जनवरी से जुलाई 2026 की बात करें, तो कुल ईंधन निर्यात में 13.1 प्रतिशत की गिरावट आई है और यह कुल मिलाकर 28.25 मिलियन मीट्रिक टन पर सिमट गया है।

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मार्च में क्यों लगाए गए थे कड़े प्रतिबंध

याद दिला दें कि इस साल मार्च 2026 में बीजिंग ने अपने फ्यूल निर्यात पर भारी पाबंदियां लगा दी थीं। यह कदम 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद उठाया गया था। ईरान ने इसके जवाब में हॉर्मुज जलडमरूमध्य को समुद्री यातायात के लिए पूरी तरह बंद घोषित कर दिया था, जिससे दुनिया में तेल की सप्लाई का इतिहास का सबसे बड़ा संकट खड़ा हो गया था। इस भयानक व्यवधान के कारण चीन को फरवरी से जून 2026 के बीच अपने कच्चे तेल के आयात में 50 प्रतिशत यानी रोजाना 3.6 मिलियन बैरल की भारी कटौती करनी पड़ी थी। उस मुश्किल समय में चीन ने अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए केवल रणनीतिक और कमर्शियल स्टॉक पर ही भरोसा किया था।

अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते का असर

अब स्थिति में थोड़ा सुधार अमेरिका और ईरान के बीच एक अंतरिम शांति समझौता होने के बाद आया है, जिसके चलते हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोल दिया गया है। इसी का नतीजा है कि चीन ने अगस्त 2026 में लगातार दूसरे महीने अपने निर्यात प्रतिबंधों को और नरम कर दिया है। इसके तहत झेजियांग पेट्रोकेमिकल कंपनी जैसे प्राइवेट रिफाइनर्स को चार महीने के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर से विदेशों में अपने उत्पाद भेजने की अनुमति मिल गई है। हालांकि, इन तमाम नीतिगत बदलावों के बावजूद चीनी वाणिज्य मंत्रालय और राष्ट्रीय विकास सुधार आयोग की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

क्षेत्र में अब भी बना हुआ है तनाव

दूसरी तरफ, खाड़ी क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव अब भी पूरी तरह थमा नहीं है। 18 अगस्त 2026 को अल जज़ीरा इंग्लिश की रिपोर्ट के मुताबिक, हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक जहाज पर किसी मिसाइल या प्रक्षेपास्त्र से हमला हुआ, जिसमें एक नाविक घायल हो गया। इसके अलावा, अमेरिकी अधिकारियों ने इस जलडमरूमध्य पर पूरी तरह अपना नियंत्रण होने का दावा किया है। साथ ही ऐसी खबरें भी सामने आई हैं कि अमेरिका ने ईरान के साथ एमओयू के विस्तार को खारिज कर दिया है और इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को लेकर ओमान को भी कड़ी चेतावनियां दी गई हैं, जिससे इस रास्ते से व्यापार करने वाले देशों की चिंताएं अभी भी बनी हुई हैं।

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