चीन के वैज्ञानिकों का बड़ा कमाल, स्टेम सेल थैरेपी से गंभीर दिल के मरीजों की हालत में हुआ सुधार.

Aanya23 August 20262 min read74 viewsWorld
चीन के वैज्ञानिकों का बड़ा कमाल, स्टेम सेल थैरेपी से गंभीर दिल के मरीजों की हालत में हुआ सुधार.

चीन के नानजिंग शहर में दिल की बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आई है। Nanjing Drum Tower Hospital के शोधकर्ताओं ने गंभीर दिल की कमजोरी यानी हार्ट फेलियर के इलाज में एक बड़ी सफलता हासिल की है। इस नई तकनीक को स्टेम सेल थैरेपी नाम दिया गया है, जिससे इलाज कराने वाले मरीजों की सेहत में भारी सुधार देखा गया है।

स्टेम सेल थैरेपी से मरीजों को मिला नया जीवन

यह पूरी रिसर्च 20 अगस्त 2026 को प्रसिद्ध जर्नल Nature Medicine में प्रकाशित हुई थी। इस तकनीक के तहत शरीर के खराब हो चुके दिल के ऊतकों को ठीक करने के लिए विशेष कोशिकाओं का इस्तेमाल किया जाता है। पारंपरिक बाईपास सर्जरी से दिल के मरे हुए ऊतकों को दोबारा जीवित नहीं किया जा सकता था, लेकिन इस नई तकनीक ने इस नामुमकिन काम को मुमकिन बना दिया है। इस मेडिकल ट्रायल में कुल 20 मरीजों को शामिल किया गया था, जिनमें से 10 मरीजों को यह खास स्टेम सेल का इंजेक्शन लगाया गया और बाकी 10 मरीजों की पारंपरिक सर्जरी की गई थी।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

इलाज के पूरे 12 महीने बाद जब डॉक्टरों ने इन सभी मरीजों की जांच की, तो हैरान करने वाले परिणाम सामने आए। स्टेम सेल पाने वाले 10 में से 9 मरीजों के दिल की कार्यक्षमता में बहुत ज्यादा सुधार हुआ। इन लोगों ने बताया कि अब उन्हें सीने में जकड़न और सांस फूलने जैसी परेशानियों से काफी राहत मिल चुकी है। वे अब अपने रोजमर्रा के सामान्य काम बिना किसी बड़ी तकलीफ के आसानी से कर पा रहे हैं। इसके अलावा, जिन मरीजों को यह नया इलाज मिला था, उन्होंने चलने-फिरने की क्षमता यानी सिक्स-मिनट वाकिंग टेस्ट में दूसरे समूह के मुकाबले लगभग दोगुनी बेहतर परफॉर्मेंस दिखाई।

सुरक्षा और भविष्य की उम्मीदें

इस नई थैरेपी की सुरक्षा को लेकर अस्पताल के कार्डियोथोरेसिक सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉक्टर और प्रोफेसर Wang Dongjin ने जानकारी दी कि इलाज के दौरान किसी भी मरीज में कोई गंभीर साइड इफेक्ट या खतरा नहीं देखा गया। हालांकि, प्रक्रिया के दो से तीन हफ्ते बाद दो मरीजों को दिल की धड़कन तेज होने की हल्की समस्या हुई थी, जो समय के साथ पूरी तरह ठीक हो गई। इस सफलता के बाद मेडिकल की दुनिया में यह माना जा रहा है कि जिन गंभीर मरीजों के लिए पुराने तरीके बेअसर साबित होते थे, उनके लिए अब रीजेनेरेटिव मेडिसिन यानी पुनर्योजी चिकित्सा एक नया रास्ता बनकर उभरी है।

Share:

Comments

Leave a comment