अमेरिका और रूस के बीच अचानक बढ़ी हलचल, सीआईए प्रमुख के मॉस्को दौरे पर क्रेमलिन ने दी बड़ी जानकारी.

अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA के प्रमुख जॉन रैटक्लिफ के अचानक मॉस्को दौरे को लेकर क्रेमलिन ने बुधवार को बड़ी और अहम जानकारी साझा की है। इस गुप्त यात्रा ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है, क्योंकि साल 2021 के बाद यह किसी भी सीआईए प्रमुख की पहली रूस यात्रा है। रूस की राजधानी मॉस्को में हुई इस उच्च स्तरीय हलचल पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं, हालांकि दोनों देशों के बीच तनाव के माहौल में सुरक्षा एजेंसियों का यह संपर्क काफी चर्चा का विषय बना हुआ है।
क्रेमलिन ने की संपर्क की पुष्टि
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने मॉस्को में एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान स्पष्ट किया कि जॉन रैटक्लिफ की यात्रा के दौरान रूस और अमेरिका की सुरक्षा एजेंसियों के बीच सीधी बातचीत हुई थी। हालांकि, उन्होंने इस बात की जानकारी देने से साफ इनकार कर दिया कि बैठक के दौरान किन-किन विषयों पर चर्चा की गई। पेस्कोव ने यह भी साफ किया कि इस दौरे के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी खुफिया प्रमुख के बीच कोई आमने-सामने की मुलाकात नहीं हुई है। उनके मुताबिक, फिलहाल दोनों देशों के राष्ट्रपतियों के स्तर पर किसी भी तरह की बातचीत की कोई योजना तय नहीं की गई है।
फ्लाइट डेटा से सामने आया दौरा
रैटक्लिफ के इस गुप्त दौरे की खबर उस समय सार्वजनिक हुई जब फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा में अमेरिकी वायुसेना का एक विशेष विमान C-17A ग्लोबमास्टर III मॉस्को के व्नुकुवो एयरपोर्ट पर उतरता हुआ दिखाई दिया। यह विमान मॉस्को पहुंचने से पहले लातविया की राजधानी रीगा गया था और उससे पहले उसने अमेरिका के मैरीलैंड स्थित जॉइंट बेस एंड्रयूज के पास से उड़ान भरी थी। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, यह विमान मंगलवार शाम को ही मॉस्को से अपनी वापसी की यात्रा पूरी कर रीगा लौट गया था। इसके बाद अमेरिकी मीडिया ने अंदरूनी सूत्रों के हवाले से पुष्टि की कि सीआईए प्रमुख बैठकों में हिस्सा लेने के लिए मॉस्को में मौजूद थे, हालांकि अमेरिकी अधिकारियों या सीआईए की तरफ से इस यात्रा पर कोई भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
सकारात्मक प्रक्रिया पर क्या बोले अधिकारी
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने मीडिया को बताया कि रूसी राष्ट्रपति को दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों के बीच हुई इस बातचीत के बारे में पूरी जानकारी दे दी गई थी। उन्होंने इस तरह के संपर्क को एक सकारात्मक घटना और एक सकारात्मक प्रक्रिया करार दिया। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि अभी यह कहना बहुत जल्दबाजी होगी कि इस बातचीत का असर रूस और अमेरिका के बीच चल रहे गहरे राजनीतिक और कूटनीतिक संकट को सुलझाने की व्यापक प्रक्रिया पर पड़ेगा या नहीं। मीडिया रिपोर्ट्स में यह कयास जरूर लगाए जा रहे हैं कि इस बातचीत के दौरान यूक्रेन में शांति प्रक्रिया, बंदियों से जुड़े संवेदनशील मामले, ईरान से जुड़े घटनाक्रम और रणनीतिक स्थिरता जैसे बड़े मुद्दों पर चर्चा हुई होगी, लेकिन क्रेमलिन ने इन एजेंडों की किसी भी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
खुफिया प्रमुखों की पुरानी मुलाकातों का इतिहास
आपको बता दें कि जॉन रैटक्लिफ का यह मॉस्को दौरा साल 2021 के बाद से सीआईए प्रमुख की रूस की पहली ज्ञात यात्रा है। इससे पहले नवंबर 2021 में तत्कालीन सीआईए निदेशक विलियम बर्न्स ने मॉस्को का दौरा किया था। इसके अलावा, रैटक्लिफ और रूस की विदेशी खुफिया सेवा यानी SVR के प्रमुख सर्गेई नारिशकिन के बीच मार्च 2025 में फोन पर बातचीत हुई थी। उससे पहले नवंबर 2022 में विलियम बर्न्स ने तुर्किए की राजधानी अंकारा में सर्गेई नारिशकिन से मुलाकात की थी, जिसमें परमाणु तनाव बढ़ने के जोखिम और हिरासत में बंद अमेरिकी नागरिकों के मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई थी। ताजा यात्रा ऐसे समय में हुई है जब दोनों महाशक्तियों के संबंध निचले स्तर पर हैं, लेकिन सुरक्षा तंत्र के बीच संवाद बनाए रखने की कोशिशें लगातार जारी हैं।