CIBIL Score Sudhara: बैंक की गलती से गिरा स्कोर, RBI ओम्बुडसमन में शिकायत करके ग्राहक ने ऐसे ठीक कराया रिकॉर्ड.

Praggya Singh sabal24 August 20264 min read54 viewsIndia
CIBIL Score Sudhara: बैंक की गलती से गिरा स्कोर, RBI ओम्बुडसमन में शिकायत करके ग्राहक ने ऐसे ठीक कराया रिकॉर्ड.

एक बैंकिंग ग्राहक ने HDFC Bank के साथ हुए विवाद के बाद अपने क्रेडिट प्रोफाइल को सफलतापूर्वक ठीक कर लिया है। बैंक की तरफ से बिना मांगे क्रेडिट कार्ड भेजने और उसके बाद सिबिल स्कोर में बड़ी गिरावट आने के बाद यह मामला सामने आया था। जब ग्राहक ने इस बात की शिकायत RBI Ombudsman से की, तब जाकर बैंक ने अपनी गलती मानी और रिकॉर्ड को सुधारा। इस पूरे मामले से यह बात साफ हो जाती है कि वित्तीय संस्थानों के साथ किसी भी विवाद के दौरान सही दस्तावेज और सबूत संभाल कर रखना कितना जरूरी होता है।

क्रेडिट कार्ड का विवाद और सिबिल स्कोर में गिरावट

यह पूरी घटना तब शुरू हुई जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर @poojaofficial5 नाम की यूजर ने बैंक के साथ अपने अनुभव को साझा किया। उन्होंने बैंक में क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन किया था जिसे बैंक ने खारिज कर दिया था। इसके कुछ समय बाद बैंक ने उनके घर पर वही क्रेडिट कार्ड भेज दिया जिसके साथ ₹500 का जॉइनिंग फीस भी जुड़ा हुआ था। बैंक के एक कर्मचारी ने उन्हें मौखिक रूप से यह सलाह दी कि वे उस कार्ड का इस्तेमाल न करें और उसका भुगतान न करें ताकि वह अपने आप रद्द हो जाए। लेकिन इसके उलट वह खाता चालू रहा और बैंक ने उसे तीन महीने तक डिफ़ॉल्ट के रूप में दिखाना शुरू कर दिया। इसकी वजह से ग्राहक का सिबिल स्कोर तेजी से गिरकर सीधे 615 पर पहुंच गया।

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नियामक अधिकारियों के पास मामला पहुंचा

शिकायतकर्ता के अनुसार, जब उन्होंने इस समस्या को सीधे बैंक के सामने रखने की कोशिश की तो बैंक के अधिकारियों ने उनकी बात सुनने से मना कर दिया और उन्हें वित्तीय जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाने लगे। इसके बाद ग्राहक ने अपने सभी दस्तावेज इकट्ठे किए और भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI Ombudsman के पास एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। जैसे ही यह शिकायत नियामक संस्था के पास पहुंची, बैंक का रवैया पूरी तरह से बदल गया। ग्राहक को ब्रांच मैनेजर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के फोन आने लगे। अधिकारियों ने पहले एनओसी देने की बात कही और बाद में सिबिल इतिहास को पूरी तरह साफ करने के बदले में शिकायत वापस लेने का अनुरोध किया। लेकिन ग्राहक ने अपनी शिकायत वापस नहीं ली और नियामक प्रक्रिया को जारी रखा। इसका नतीजा यह हुआ कि महज तीन सप्ताह के भीतर उनके क्रेडिट रिपोर्ट से सभी गलत डिफ़ॉल्ट वाले निशान हटा दिए गए।

क्रेडिट विवाद सुलझाने के लिए जरूरी नियम

भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI ग्राहकों को वित्तीय संस्थानों की गलत नीतियों से बचाने के लिए कई तरह की सुविधाएं देता है। मौजूदा नियमों के अनुसार, सभी बैंकों की यह जिम्मेदारी है कि वे सही क्रेडिट डेटा रखें और ग्राहकों की शिकायतों को समय पर सुनें। ग्राहकों की सुविधा के लिए नियामक ने कुछ खास नियम बनाए हैं:

Regulatory Measure Details
RBI Ombudsman Scheme Allows customers to escalate unresolved grievances after 30 days of bank inaction.
Zero Liability Rule Protects customers from losses incurred through unauthorized transactions where no negligence is proven.
Dispute Resolution Timeline CIs and CICs must rectify credit information discrepancies within a 30-day window.
Compensation Framework Effective April 26, 2024, a penalty of ₹100 per day applies for delays in rectifying credit information beyond 30 days.
Consumer Protection Under the 2026 Integrated Ombudsman Scheme, compensation for harassment can reach up to ₹3 Lakhs.

वित्तीय सुरक्षा के लिए जरूरी कदम

इस मामले से सीख लेते हुए हर ग्राहक को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए ताकि भविष्य में किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सके। उपभोक्ता अदालतों के फैसलों में भी यह बात सामने आई है कि अगर बैंक की लापरवाही से ग्राहक को मानसिक परेशानी होती है, तो उसे मुआवजा पाने का पूरा अधिकार है। अपने पैसों और क्रेडिट स्कोर को सुरक्षित रखने के लिए इन बातों का पालन जरूर करें:

  • डॉक्यूमेंट संभाल कर रखें: बैंक कर्मचारियों की किसी भी मौखिक बात पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। हर बातचीत, तारीख और दी गई सलाह का लिखित रिकॉर्ड अपने पास सुरक्षित रखें।
  • क्रेडिट रिपोर्ट देखते रहें: समय-समय पर अपने सिबिल स्कोर की जांच करते रहें ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी का पता समय रहते चल सके। अब लेंडर के लिए यह जरूरी है कि वे लोन खारिज करने की ठोस वजह बताएं और डिफ़ॉल्ट घोषित करने से पहले ग्राहक को चेतावनी दें।
  • समय पर शिकायत करें: अगर बैंक 30 दिनों के भीतर आपकी शिकायत का समाधान नहीं करता है, तो आप cms.rbi.org.in पर जाकर ओम्बुडसमन के पास अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
  • बिना मांगे प्रोडक्ट न लें: जो क्रेडिट कार्ड आपने मांगे नहीं हैं, उन्हें तुरंत लौटा दें ताकि बिना बात के कोई फीस न जुड़े और आपका सिबिल स्कोर खराब न हो।
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