कोलंबिया में भूकंप से भारी तबाही, मरने वालों की संख्या बढ़कर 331 हुई और लाखों लोग हुए बेघर.

कोलंबिया में गत 10 अगस्त को आए भीषण भूकंप ने भारी तबाही मचाई है, जिसके बाद अब तक मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 331 तक पहुंच गया है। इस आपदा की वजह से देश के आम जनजीवन पर बहुत बुरा असर पड़ा है और लोग अभी भी इस बड़े झटके से उबरने की कोशिश कर रहे हैं। अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार राहत और बचाव का काम अभी भी बहुत तेजी से चलाया जा रहा है ताकि प्रभावित लोगों तक जल्द से जल्द मदद पहुंचाई जा सके।
नेशनल यूनिट फॉर डिजास्टर रिस्क मैनेजमेंट की रिपोर्ट
मंगलवार को जारी की गई नेशनल यूनिट फॉर डिजास्टर रिस्क मैनेजमेंट यानी UNGRD की अपडेटेड रिपोर्ट के मुताबिक इस आपदा में 240 लोग अभी भी लापता हैं जिनकी तलाश लगातार जारी है। इसके अलावा इस भयानक हादसे में कुल 4,449 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं जिनका इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है। तुर्किए की सरकारी समाचार एजेंसी अनादोलू ने यूएनजीआरडी के हवाले से यह जानकारी साझा की है कि राहत और बचाव अभियान के दौरान अब तक कुल 364 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है।
देश के कई प्रांतों में दिखा तबाही का मंजर
यह विनाशकारी भूकंप कोलंबिया के कुल 32 प्रांतों में से 16 प्रांतों की 494 नगरपालिकाओं को बुरी तरह प्रभावित कर चुका है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार कुल 1,88,034 परिवारों के 4,06,273 लोगों को आधिकारिक तौर पर प्रभावित माना गया है। यह आपदा स्थानीय समयानुसार सुबह 7:34 बजे आई थी और इसका केंद्र प्रशांत क्षेत्र के चोको प्रांत में सैन जोज़े डेल पाल्मार के पास जमीन से करीब 110 किलोमीटर की गहराई में था। जानकारों का कहना है कि इस सदी में कोलंबिया में आया यह अब तक का सबसे शक्तिशाली भूकंप है जिसने सब कुछ तहस-नहस कर दिया है।
बुनियादी ढांचे और घरों को भारी नुकसान
पश्चिमी कोलंबिया में इस प्राकृतिक आपदा की वजह से लोगों के घरों और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचा है। यूएनजीआरडी की रिपोर्ट के अनुसार भूकंप के झटकों से कुल 33,275 घर पूरी तरह से नष्ट हो चुके हैं जबकि 1,85,889 अन्य घरों को आंशिक रूप से नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा स्वास्थ्य और शिक्षा का क्षेत्र भी इसकी चपेट में आ गया है, जिसमें 376 स्वास्थ्य केंद्र, 3,819 शैक्षणिक संस्थान और 4,337 सामुदायिक सुविधाएं बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुई हैं।
परिवहन और अन्य सेवाओं पर असर
इस भूकंप की वजह से यातायात और जरूरी सेवाएं भी पूरी तरह से चरमरा गई हैं। देश की कुल 440 सड़कें, 74 वाहन पुल, 17 पैदल यात्री पुल, 5 हवाई अड्डे और 119 जल-आपूर्ति प्रणालियां इस आपदा से प्रभावित हुई हैं। इंसानों के साथ-साथ इसका असर बेजुबान जानवरों पर भी पड़ा है, जहां 2,149 जानवर प्रभावित हुए और राहत टीमों ने 2,949 जानवरों को सुरक्षित बाहर निकाला है। यूएनजीआरडी ने यह भी स्पष्ट किया है कि ये सभी आंकड़े अभी शुरुआती हैं और स्थानीय प्रशासन तथा राहत एजेंसियां लगातार नुकसान का आकलन कर रही हैं, जिसके चलते आने वाले समय में मृतकों और घायलों की संख्या में बदलाव हो सकता है।