जिबूती फुटबॉल फेडरेशन पर भ्रष्टाचार का बड़ा आरोप, फीफा और सऊदी फंड के गलत इस्तेमाल पर जांच शुरू.

जिबूती फुटबॉल फेडरेशन यानी FDF इन दिनों गंभीर भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर काफी चर्चा में बना हुआ है। हाल ही में सामने आई एक सरकारी ऑडिट रिपोर्ट ने इस संस्था की पोल खोल दी है, जिसमें पक्षपात और नियमों के खिलाफ जाकर काम करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस पूरी रिपोर्ट में मुख्य रूप से फीफा और Saudi Arabia द्वारा दिए गए पैसों के गलत इस्तेमाल और चीजों के दाम बढ़ाकर दिखाने की बात कही गई है, जो पैसा नया हेडक्वार्टर बनाने के लिए दिया गया था।
फेडरेशन के अंदर मची खलबली और इस्तीफे का दौर
फेडरेशन के अंदर चल रही आपसी कलह और गड़बड़ियों से परेशान होकर 12 August 2026 को मोहम्मद एल्मी फराह ने एग्जीक्यूटिव कमेटी से अपना इस्तीफा दे दिया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि संस्था के संसाधनों का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं हो रहा है और कामकाज के तरीके से वे संतुष्ट नहीं हैं। इस इस्तीफे के बाद स्थानीय खिलाड़ियों और क्लब के प्रबंधकों में भी भारी गुस्सा देखने को मिल रहा है। सभी ने मिलकर यह चेतावनी दी है कि अगर फेडरेशन के बड़े पदों पर बैठे लोगों को नहीं बदला गया, तो वे आने वाले घरेलू लीग सीजन का पूरी तरह से बहिष्कार कर देंगे।
अध्यक्ष ने आरोपों को नकारा और दी सफाई
एफडीएफ के लंबे समय से अध्यक्ष चले आ रहे Souleiman Hassan Waberi ने इन सभी बड़े आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। सुलेमान हसन वाबेरी जो खुद फीफा काउंसिल के सदस्य भी हैं, उन्होंने कहा कि फीफा ने यह आधिकारिक रूप से साफ कर दिया है कि उनके द्वारा दिए गए पैसों में किसी भी तरह की वित्तीय गड़बड़ी नहीं हुई है। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि कुछ कामों में नियमों के तहत सही से बोलियां नहीं मंगाई जा सकीं, जिसके पीछे उन्होंने जिबूती में जरूरी सामान और उपकरणों की स्थानीय स्तर पर कमी का हवाला दिया। उन्होंने यह भी कहा कि अब उन प्रक्रियाओं में सुधार कर लिया गया है।
लाखों डॉलर की फंडिंग और जवाब का इंतजार
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस फेडरेशन को फीफा और अफ्रीकी फुटबॉल परिसंघ यानी CAF की तरफ से हर साल $1 million से ज्यादा की रकम मिलती है। इतने बड़े पैमाने पर पैसे मिलने के बावजूद, जब मीडिया ने फीफा से इस फंड के गलत इस्तेमाल को लेकर सवाल किए, तो 21 August 2026 तक उनकी तरफ से कोई भी आधिकारिक जवाब सामने नहीं आया था। इस पूरे मामले पर स्थानीय लोग और खेल प्रेमी पैनी नजर बनाए हुए हैं ताकि यह साफ हो सके कि खेल के विकास के लिए आया पैसा आखिर कहां गया।