अमेरिका का ईरान पर बड़ा हमला, ट्रंप बोले- देश दिवालिया हुआ और सेना को सैलरी देने के पैसे नहीं.

Praggya Singh sabal21 August 20263 min read61 viewsWorld
अमेरिका का ईरान पर बड़ा हमला, ट्रंप बोले- देश दिवालिया हुआ और सेना को सैलरी देने के पैसे नहीं.

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 21 अगस्त 2026 को एक बार फिर से बड़ा दावा किया है कि ईरान आर्थिक तौर पर पूरी तरह से बर्बाद हो चुका है और इस देश के पास अपनी सेना के जवानों को देने के लिए सैलरी तक नहीं बची है। अमेरिकी सरकार का यह बयान उस ऐलान के ठीक बाद आया है जिसमें उन्होंने ईरान के खिलाफ आर्थिक डी-डे शुरू करने की बात कही थी और इसे किसी भी देश के खिलाफ की गई अब तक की सबसे कड़ी आर्थिक कार्रवाई बताया था। अमेरिकी राष्ट्रपति ने साफ शब्दों में चेतावनी दी थी कि जो भी देश ईरान के वित्तीय संस्थानों या व्यापारिक कंपनियों का समर्थन करेगा, उसे गंभीर आर्थिक परिणामों का सामना करना पड़ेगा। आम आदमी और प्रवासियों के लिए यह जानना जरूरी है कि इस बढ़ते तनाव का असर पूरे खाड़ी क्षेत्र के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार पर भी पड़ रहा है।

ईरान में तेल निर्यात रुका और महंगाई आसमान पर पहुंची

ईरान में चल रहे इस भारी आर्थिक संकट की मुख्य वजह अमेरिकी नौसेना की तरफ से लगाया गया कड़ा प्रतिबंध है, जिसकी वजह से तेल का निर्यात और अंतरराष्ट्रीय व्यापार बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, ईरान ने मई 2026 में शून्य कच्चे तेल का निर्यात किया और उस महीने की कुल कमाई 200 मिलियन अमेरिकी डॉलर से भी कम दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी IMF का अनुमान है कि 2026 के अंत तक देश में महंगाई दर लगभग 70 प्रतिशत तक बढ़ जाएगी, जबकि साल 2025 के आखिर में यह दर 50 प्रतिशत को पार कर चुकी थी। सरकारी आंकड़ों के अनुसार बेरोजगारी दर भले ही 9.1 प्रतिशत बताई जा रही हो, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस संघर्ष के शुरुआती तीन महीनों में ही 10 लाख से ज्यादा नौकरियां जा चुकी हैं। विदेशी मुद्रा की भारी कमी और युवाओं के बीच बेरोजगारी की समस्या को खुद सेंट्रल गवर्नर Abdol Nasser Hemmati ने भी स्वीकार किया है।

सैन्य बजट में भारी बढ़ोतरी और यूएई का बड़ा फैसला

देश की आर्थिक हालत खराब होने के बावजूद ईरान सरकार लगातार अपने सैन्य खर्च को बढ़ाने में लगी हुई है। बजट दस्तावेजों के अनुसार फारसी वर्ष 1404 यानी मार्च 2025 से मार्च 2026 के दौरान रक्षा बजट में 200 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी की गई थी, जबकि आगामी 1405 यानी 2026 से 2027 के बजट में सुरक्षा और रक्षा खर्च में 145 प्रतिशत की और वृद्धि दिखाई गई है। हालांकि दूसरी तरफ ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका के इन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। देश के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने इन धमकियों को अमेरिका के अपने कर्ज और ब्याज संकट से ध्यान भटकाने की एक चाल बताया है, जबकि फार्स न्यूज एजेंसी ने अमेरिकी राष्ट्रपति के ब्रेड को पूरी तरह बकवास करार दिया है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक और बड़ी खबर सामने आई है कि संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE ने 19 अगस्त 2026 को ईरान के साथ अपने सभी व्यापारिक और वित्तीय लेन-देन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यूएई का कहना है कि यह कदम समुद्री ठिकानों पर हुए ईरानी मिसाइल हमलों के बाद उठाया गया है, हालांकि तेहरान सरकार ने इन हमलों में अपना हाथ होने से इंकार करते हुए इसे एक फर्जी अभियान बताया है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent इस मामले में आगामी सोमवार 24 अगस्त 2026 को कुछ और नए कदमों का ऐलान कर सकते हैं।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin
Share:

Comments

Leave a comment