अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ी तनातनी, Donald Trump ने कहा ईरान के साथ बातचीत करना समय की बर्बादी

Nura Basta19 August 20263 min read63 viewsWorld
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ी तनातनी, Donald Trump ने कहा ईरान के साथ बातचीत करना समय की बर्बादी

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव अब और ज्यादा गहराता जा रहा है। 19 अगस्त 2026 को पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि ईरानी शासन के साथ किसी भी तरह की बातचीत करना पूरी तरह से समय की बर्बादी है। उन्होंने साफ किया कि इस समय कोई भी बातचीत न तो चल रही है और न ही आगे के लिए कोई योजना बनाई गई है। अमेरिका का रुख साफ है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना ही उनका मुख्य मकसद है।

कुकशेड के बयान से उलट रहा अमेरिका का रुख

डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान उनके अपने ही दूत Jared Kushner के 18 अगस्त को दिए गए बयानों के बिल्कुल उलट है। दूत जेरेड कुशनर ने कहा था कि दोनों देशों के बीच बातचीत काफी मजबूत और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। इसके ठीक उलट ट्रंप ने दो टूक शब्दों में कह दिया कि अमेरिका की तरफ से केवल एक ही मांग है और वह है ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना। इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।

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स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर विवाद गहराया

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि फारस की खाड़ी में स्थित Strait of Hormuz पर अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी पूरी तरह से लागू है। उन्होंने कहा कि यह जलमार्ग खुला हुआ है और पानी के सभी माइंस को निष्क्रिय कर दिया गया है। इतना ही नहीं, उन्होंने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को नए अमेरिकी क्षेत्र के रूप में पेश करके एक नया कूटनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। दूसरी तरफ, ईरानी वार्ताकार Mohammad Baqer Qalibaf ने कहा कि यह जलमार्ग तब तक बंद रहेगा जब तक अमेरिका जून के अंतरिम समझौते का सम्मान नहीं करता। इस समझौते के तहत तेल प्रतिबंधों को हटाना, फ्रीज की गई संपत्तियों को रिहा करना और सैन्य धमकियों को बंद करना शामिल है। ईरानी उप विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने ट्रंप के क्षेत्रीय दावों को पूरी तरह से भ्रमित करने वाला बताया है।

व्हाइट हाउस की लंबी आर्थिक घेराबंदी की रणनीति

व्हाइट हाउस की रणनीति अब ईरान पर लंबे समय तक आर्थिक दबाव बनाने की ओर शिफ्ट हो गई है। रक्षा सचिव Pete Hegseth इस नौसेना नाकाबंदी को अनिश्चितकाल तक लागू रखने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। जून में साइन किया गया 60-दिन का समझौता बिना किसी व्यापक डील के समाप्त हो गया है, जिसके बाद नए प्रतिबंधों के आने की पूरी संभावना है। क्षेत्रीय स्थिरता उस समय और बिगड़ गई जब संयुक्त अरब अमीरात ने दावा किया कि ईरान ने उसके इलाके में दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। हालांकि, ईरानी प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने इस आरोप को पूरी तरह से बेबुनियाद और झूठा बताया है।

मिसाइल उत्पादन और क्षेत्रीय मध्यस्थता पर बयान

इज़राइली चैनल 12 की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान अपने मिसाइल प्रोडक्शन सिस्टम को तेजी से आगे बढ़ा रहा है। इसके अलावा, डोनाल्ड ट्रंप ने ओमान को उसकी संभावित मध्यस्थता भूमिका को लेकर सैन्य कार्रवाई की धमकी भी दी है। खाड़ी क्षेत्र में रह रहे प्रवासियों और आम नागरिकों के बीच इस बढ़ती अनिश्चितता को लेकर चिंता का माहौल बना हुआ है। इस बीच, पूर्व ईरानी राष्ट्रपति Mohammad Khatami ने और अधिक संघर्ष से बचने के लिए पुराने इस्लामाबाद समझौते के दायरे में वापस लौटने की अपील की है। आप इस पूरी खबर की अधिक जानकारी QNA की आधिकारिक वेबसाइट पर पढ़ सकते हैं।

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