Donald Trump पर ईरान के हमले का खतरा, अंकारा से निकलते ही सीक्रेट प्लेन में शिफ्ट हुए अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति

Aanya12 August 20262 min read75 viewsWorld
Donald Trump पर ईरान के हमले का खतरा, अंकारा से निकलते ही सीक्रेट प्लेन में शिफ्ट हुए अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump को लेकर एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है, जिसे सुनकर पूरी दुनिया के सुरक्षा अधिकारी हैरान रह गए हैं। राष्ट्रपति Donald Trump ने खुद इस बात की पुष्टि की है कि पिछले साल 8 July 2026 को तुर्की की राजधानी अंकारा में एक नाटो शिखर सम्मेलन के तुरंत बाद उन्हें बेहद गुप्त तरीके से एयर फोर्स वन से हटाकर दूसरे विमान में शिफ्ट किया गया था। इस खुफिया ऑपरेशन के पीछे ईरान की तरफ से कथित तौर पर जान से मारने की धमकी बताई जा रही है, जिसके बाद अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया था।

अंधेरे में रहे 100 से ज्यादा अधिकारी और पत्रकार

इस गुप्त अभियान की सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि जब Donald Trump को चुपचाप एक छोटे विमान में शिफ्ट किया गया, तब उनके साथ सफर कर रहे 100 से अधिक अधिकारियों और पत्रकारों को इस बात की कोई भनक तक नहीं लगी। वे सभी लोग मूल राष्ट्रपति विमान में ही बैठे रहे और उन्हें लगा कि राष्ट्रपति भी उसी प्लेन में मौजूद हैं। अमेरिकी मीडिया में इस हफ्ते की शुरुआत में जब यह खबर पहली बार सामने आई, तो विमान में सवार लोगों की सुरक्षा और प्रोटोकॉल को लेकर बड़े सवाल खड़े हो गए कि आखिर इतनी बड़ी बात को इतने लंबे समय तक क्यों छिपा कर रखा गया।

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कैसे दिया गया इस सीक्रेट ऑपरेशन को अंजाम

इस पूरी साजिश और खतरे को भांपते हुए अमेरिकी सीक्रेट सर्विस और सेना ने मिलकर एक बेहद खतरनाक योजना बनाई। इसके तहत Donald Trump को एक छोटे एयर फोर्स C-32A (जो कि एक मॉडिफाइड बोइंग 757 है) विमान में ट्रांसफर कर दिया गया। वहीं दूसरी तरफ, मुख्य राष्ट्रपति विमान यानी एयर फोर्स वन (VC-25A/B) अपनी तय उड़ान पर जारी रहा ताकि वह एक धोखे या डिकॉय के रूप में काम कर सके। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस कथित खतरे में सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल से हमला करने की खुफिया जानकारी और राष्ट्रपति की सटीक लोकेशन की जानकारी शामिल थी।

सुरक्षा उपायों पर उठे सवाल और नेताओं की प्रतिक्रिया

घटना की पुष्टि करते हुए Donald Trump ने इस पूरे मामले को बहुत ज्यादा तूल न देते हुए कहा कि उन्होंने केवल सुरक्षा अधिकारियों के निर्देशों का पालन किया था और उन्होंने इस बारे में बहुत ज्यादा सवाल नहीं पूछे। हालांकि, उनका यह भी मानना था कि छोटा विमान शायद ज्यादा बड़े खतरे की जद में हो सकता था। व्हाइट हाउस के संचार निदेशक Steven Cheung ने उच्च स्तरीय सुरक्षा प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए इन उपायों का बचाव किया। लेकिन इसके बावजूद अमेरिकी सांसदों की तरफ से इसकी तीखी आलोचना की गई। सीनेट में अल्पसंख्यक नेता Chuck Schumer ने व्हाइट हाउस से तुरंत ब्रीफिंग की मांग की, जबकि डेमोक्रेटिक सीनेटर Richard Blumenthal ने इस घटना को अभूतपूर्व और अजीब बताते हुए इसकी कांग्रेस से जांच कराने की मांग की। ईरान के सरकारी समर्थक मीडिया ने इस घटना पर तंज कसते हुए इसे कायराना पलायन करार दिया है।

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