DRC and Rwanda Peace Deal: कांगो और रवांडा के बीच शांति समझौते को लेकर हुआ बड़ा फैसला, जिनेवा बैठक में बनी नई सहमति।

डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और रवांडा ने अपने शांति समझौते को और मजबूत करने के लिए दो नई पहलों पर सहमति जताई है। यह बड़ा फैसला जिनेवा में आयोजित छठे ज्वाइंट सिक्योरिटी कोऑर्डिनेशन मैकेनिज्म यानी JSCM की बैठक के बाद लिया गया, जो 13 अगस्त 2026 को संपन्न हुई थी। इस अहम बैठक में दोनों देशों के अधिकारियों के अलावा अमेरिका, कतर, टोगो और अफ्रीकी यूनियन कमीशन के प्रतिनिधि भी शामिल हुए थे, जिन्होंने मिलकर क्षेत्रीय शांति के लिए अपनी योजना साझा की।
शांति समझौते को मजबूत करने की नई योजना
जिनेवा में हुई इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान, कांगो ने FDLR यानी फोर्सेस डेमोक्रेटिक्स डे लिबरेशन डू रवांडा संगठन से जुड़े लोगों के लिए अपनी निरस्त्रीकरण, विमुद्रीकरण और पुनर्एकीकरण योजना पेश की। इस प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए दोनों पक्षों ने संयुक्त राष्ट्र के मिशन MONUSCO के साथ ऑनलाइन बातचीत की, ताकि सुरक्षा ढांचे में क्षेत्रीय अनुभव का पूरा फायदा उठाया जा सके। इन सभी प्रयासों को सही दिशा देने के लिए अब दोनों देशों ने आगामी अक्टूबर 2026 में एक त्रिपक्षीय योजना सम्मेलन आयोजित करने का फैसला किया है, जिसमें आगे की रणनीतियों और प्रक्रियाओं पर मुहर लगेगी।
वॉशिंगटन समझौते और आगे की रूपरेखा
इन तमाम नई योजनाओं की निगरानी के प्रस्तावों की समीक्षा करने की जिम्मेदारी अमेरिका को सौंपी गई है, जिसकी रिपोर्ट आगामी 16-17 सितंबर को जिनेवा में होने वाली अगली JSCM बैठक में पेश की जाएगी। इस पूरी कूटनीतिक पहल की नींव जून 2025 में साइन किए गए ऐतिहासिक वॉशिंगटन अकॉर्ड्स पर टिकी है, जिसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में सक्रिय सशस्त्र समूहों को शांत करना और सैनिकों को पीछे हटाना है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए आप जीनेवा यूएस मिशन की आधिकारिक वेबसाइट और रवांडा में अमेरिकी दूतावास के संयुक्त बयान को देख सकते हैं।