Dubai Chambers और FKCCI के बीच हुआ समझौता, भारत और कर्नाटक के व्यापारियों को मिलेगा फायदा.

दुबई और भारत के बीच व्यापार को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। Dubai Chambers और Federation of Karnataka Chambers of Commerce and Industry (FKCCI) के बीच एक अहम समझौते पर हस्ताक्षर हुए हैं। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य कर्नाटक के कारोबारियों को दुबई में अपना बिजनेस फैलाने में पूरी मदद करना है। यह दौरा 20 अगस्त से 22 अगस्त 2026 के बीच बेंगलुरु में हुआ था, जहां दोनों पक्षों ने आपसी व्यापार को मजबूत करने पर खुलकर बात की।
कर्नाटक के व्यापारियों को मिलेगी आसानी
इस नए समझौते के तहत कर्नाटक की कंपनियों को दुबई में अपने लोकल ऑफिस और हेडक्वार्टर खोलने में पूरी सहायता दी जाएगी। इसके जरिए कारोबारी दुबई को एक बड़े गेटवे के रूप में इस्तेमाल कर सकेंगे, जिससे वे पूरे UAE, खाड़ी देशों यानी GCC और दुनिया भर के बाजारों तक आसानी से पहुंच बना सकेंगे। दोनों संगठन मिलकर बड़े बिजनेस इवेंट्स का आयोजन करेंगे, कंपनियों को आपस में जोड़ेंगे और बाजार से जुड़ी जरूरी जानकारियां साझा करेंगे ताकि अलग-अलग सेक्टर में काम तेजी से आगे बढ़ सके।
वर्चुअल दुबई डेस्क की होगी शुरुआत
इस योजना के तहत एक खास Virtual Dubai Desk बनाई जाएगी। यह डेस्क उन कारोबारियों के लिए मुख्य संपर्क बिंदु बनेगी जो दुबई में निवेश करने के रास्ते तलाश रहे हैं। दुबई चैंबर्स इस दिशा में लगातार काम कर रहा है और आर्थिक रिश्तों को मजबूत बनाने के लिए उसने NASSCOM के साथ भी एक अलग समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में मिलकर काम किया जा सके।
Dubai Chambers के प्रेसिडेंट और सीईओ H.E. Mohammad Ali Rashed Lootah ने बताया कि भारतीय कंपनियां दुबई के विकास में हमेशा से अहम साझीदार रही हैं और उनका पूरा प्रयास है कि कर्नाटक के व्यापारियों को दुबई का ग्लोबल नेटवर्क आसानी से मिले। वहीं FKCCI की प्रेसिडेंट Smt. Uma Reddy ने कहा कि दोनों जगहों की ताकत एक-כות दूसरी की पूरक है और इस समझौते का मकसद कागजी कार्रवाई से आगे बढ़कर जमीन पर ठोस नतीजे लाना है ताकि व्यापारियों को इसका सीधा लाभ मिल सके।