Dubai Customs का बड़ा ऐलान: 1000 दिरहम तक की ऑनलाइन शॉपिंग पर अब नहीं लगेगा टैक्स, आम लोगों को मिलेगी राहत.

दुबई में ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले लोगों के लिए एक बड़ी और खुशी की खबर सामने आई है। Dubai Customs ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि अब 1000 दिरहम (लगभग 272 डॉलर) तक की कीमत वाले ई-कॉमर्स सामानों पर कोई सीमा शुल्क यानी कस्टम ड्यूटी नहीं ली जाएगी। यह नया नियम 3 अगस्त 2026 से लागू हो चुका है, जिसका मुख्य मकसद दुबई के व्यापारिक माहौल को और बेहतर बनाना और लोगों के लिए ऑनलाइन खरीदारी को सस्ता व सरल बनाना है।
नया नियम और इसके फायदे
दुबई कस्टम्स नोटिस संख्या 16 ऑफ 2026 के तहत जारी इस राहत का सीधा लाभ उन लोगों को मिलेगा जो व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए सामान मंगवाते हैं। चाहे आप किसी कंपनी के जरिए ऑर्डर करें या किसी क्रॉस-बॉर्डर ई-कॉमर्स चैनल का उपयोग करें, अगर आपके सामान की कुल कीमत 1000 दिरहम से कम है, तो आपको ड्यूटी नहीं देनी होगी। यह फैसला आम प्रवासियों और दुबई में रहने वाले निवासियों के लिए एक बड़ी राहत है, जो अक्सर ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान टैक्स की वजह से परेशान रहते थे।
किन सामानों पर नहीं मिलेगी छूट
हालांकि यह नियम एक बड़ी राहत है, लेकिन कुछ सामानों को इस छूट से बाहर रखा गया है। अगर आप नीचे दी गई चीजें मंगाते हैं, तो आपको पहले की तरह ही कस्टम ड्यूटी भरनी होगी, चाहे सामान की कीमत कुछ भी हो:
- तंबाकू और तंबाकू से बनी चीजें।
- इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट और इससे जुड़े उपकरण व एक्सेसरीज।
- निकोटीन वाले लिक्विड पदार्थ।
- शराब और शराब युक्त खाद्य पदार्थ।
इन चीजों पर सरकारी नियमों के अनुसार शुल्क बरकरार रहेगा। इसलिए खरीदारी करते समय इन बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है ताकि आपका सामान बिना किसी अड़चन के आप तक पहुंच सके।
रजिस्ट्रेशन और अन्य प्रक्रियाएं
इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए कंपनियों को अपनी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया और कामकाज को नए नियमों के साथ जोड़ना होगा। इसके लिए Dubai Customs के Client Happiness Department को जिम्मेदारी सौंपी गई है। साथ ही अगर किसी भी तरह का विवाद होता है, तो Legal Affairs Department उसे सुलझाएगा।
इसके अलावा, अगर कोई व्यक्ति अपना सामान विदेश भेजता है और उसे वापस मंगाना पड़ता है, तो वह भी इस छूट का हकदार हो सकता है। इसके लिए आपको यह दिखाना होगा कि सामान भेजते समय ड्यूटी चुकाई गई थी और वापसी का समय निर्यात की तारीख से 60 दिनों के भीतर होना चाहिए। दुबई के इस कदम से ई-कॉमर्स सेक्टर में एक नई ऊर्जा आएगी और आम लोगों के साथ-साथ छोटे व्यापारियों को भी अपनी व्यावसायिक गतिविधियों में आसानी महसूस होगी।