Dubai में साझा आवास के लिए सख्त कानून लागू, बिना अनुमति सबलेटिंग पर लगेगा 10 लाख तक का जुर्माना.

दुबई में रहने वाले प्रवासियों और कमरों में साझा तौर पर रहने वाले लोगों के लिए एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। दुबई सरकार ने आधिकारिक तौर पर Law No. 4 of 2026 को लागू कर दिया है, जो साझा आवास यानी शेयर्ड हाउसिंग के प्रबंधन और देखरेख से जुड़ा हुआ है। यह नया कानून 26 अगस्त 2026 से पूरे दुबई में प्रभावी हो गया है। इस नए नियम का मुख्य उद्देश्य शहरों में भीड़भाड़ को कम करना, सुरक्षा और साफ-सफाई के मानकों को बेहतर करना और किराए पर दिए जाने वाले घरों के बाजार को व्यवस्थित करना है। इस कदम से खासकर उन भारतीय प्रवासियों और अन्य कामगारों पर सीधा असर पड़ेगा जो कम खर्च में रहने के लिए रूम शेयरिंग या बेड स्पेस का सहारा लेते हैं।
दुबई नगरपालिका से लेना होगा विशेष अनुमति पत्र
नए नियमों के तहत अब किसी भी प्रॉपर्टी या यूनिट को साझा आवास के रूप में इस्तेमाल करने से पहले Dubai Municipality से एक खास परमिट लेना अनिवार्य कर दिया गया है। नगरपालिका ही तय करेगी कि किस इलाके में साझा आवास बन सकते हैं, वहां रहने वाले लोगों की अधिकतम संख्या कितनी होगी और हर व्यक्ति के हिस्से में कितनी जगह आनी चाहिए। यह नया कानून प्राइवेट डेवलपमेंट जोन और फ्री जोन दोनों जगहों पर लागू होता है, हालांकि लेबर अमोडेशन यानी सामूहिक श्रम आवास इकाइयों को इससे छूट दी गई है।
अनधिकृत सबलेटिंग पर पूरी तरह से रोक
इस नए कानून का सबसे अहम हिस्सा सबलेटिंग यानी किराए पर लिए गए घर को आगे किसी और को किराए पर देने पर रोक लगाना है। अब केवल असली प्रॉपर्टी मालिक या फिर अधिकृत कंपनियां ही साझा आवास किराए पर दे सकती हैं। किराएदारों को यह अधिकार बिल्कुल नहीं होगा कि वे अपने कमरे या घर का कोई भी हिस्सा किसी तीसरे व्यक्ति को सबलेट करें। साझा आवास के लिए मिलने वाले ये परमिट आमतौर पर एक साल के लिए वैध होंगे, जिसे मालिक के अनुरोध पर आगे भी बढ़ाया जा सकता है। इसके नवीनीकरण के लिए परमिट खत्म होने से कम से कम 30 दिन पहले आवेदन देना होगा।
नियम तोड़ने पर भारी जुर्माने और सजा का प्रावधान
साझा आवास चलाने वाले ऑपरेटरों को आग से सुरक्षा, साफ-सफाई, बिल्डिंग की सुरक्षा, बिजली और स्वास्थ्य से जुड़े कड़े नियमों का पालन करना होगा। Dubai Land Department एक डिजिटल रजिस्ट्री तैयार करेगा जिसमें मकान मालिक की जानकारी, यूनिट की डिटेल और रहने वाले लोगों का पूरा ब्योरा दर्ज होगा। यदि कोई इन नियमों का उल्लंघन करता है तो उसे 500 AED से लेकर 500,000 AED तक का भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है। अगर एक साल के भीतर यही गलती दोबारा दोहराई जाती है, तो जुर्माने की रकम दोगुनी होकर अधिकतम 1,000,000 AED तक पहुंच सकती है। इसके अलावा परमिट या कमर्शियल लाइसेंस रद्द होना, 6 महीने के लिए कामकाज पर रोक लगना, बिजली-पानी जैसी सरकारी सुविधाएं काटना और बिना परमिट वाली यूनिट्स से लोगों को बाहर निकालना जैसे सख्त दंड भी दिए जाएंगे।
प्रवासियों के लिए एक साल का ग्रेस पीरियड
जो मकान मालिक और कंपनियां पहले से ही साझा आवास चला रही हैं, उन्हें अपने कामकाज को नए मानकों के मुताबिक ढालने के लिए एक साल का समय दिया गया है। दुबई नगरपालिका के डायरेक्टर जनरल चाहें तो इसमें एक बार की मोहलत और दे सकते हैं। जो प्रवासी भाई दुबई में किराए के मकानों या रूम-शेयरिंग में रहते हैं, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे अपने रहने की जगह की वैधता की जांच जरूर कर लें, क्योंकि अब बिना अनुमति के रहने या सबलेटिंग करने पर भारी कानूनी मुश्किलें आ सकती हैं। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप Gulfhindi.com पर विजिट कर सकते हैं।