Gaza Peace Roadmap: इसराइल द्वारा अमरीकी शांति योजना ठुकराने पर भड़के 8 देश, संयुक्त बयान जारी कर की कड़ी निंदा.

गाजा संघर्ष को समाप्त करने के लिए अमरीकी राष्ट्रपति Donald Trump की व्यापक योजना के तहत तैयार किए गए 15-point roadmap को इसराइल द्वारा अस्वीकार किए जाने पर दुनिया के आठ प्रमुख देशों के विदेश मंत्रियों ने गहरी नाराजगी व्यक्त की है। 16 अगस्त 2026 को जारी किए गए एक संयुक्त बयान में इस बात पर जोर दिया गया कि इसराइली सरकार का यह रवैया क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को कमजोर कर रहा है। इस शांति योजना को पहले ही फिलिस्तीनी गुटों द्वारा औपचारिक रूप से स्वीकार किया जा चुका है और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव Resolution 2803 का भी इसे समर्थन प्राप्त है।
शांति योजना के मुख्य बिंदु और इसराइल का रुख
इस प्रस्तावित रोडमैप में कई महत्वपूर्ण कदम शामिल हैं, जैसे हथियारों को हटाना, इसराइली सेना की पूर्ण वापसी और एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल यानी International Stabilization Force की तैनाती। जहां एक तरफ Hamas ने मिस्र, कतर और तुर्की के मध्यस्थों की एक समिति को अपने सैन्य हथियार सौंपने पर सहमति जताई है, वहीं इसराइली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। इसराइल की मांग है कि सेना के पीछे हटने से पहले हमास पूरी तरह से अपने हथियार डाले।
अमरीकी दूत की सक्रियता और क्षेत्रीय तनाव
बढ़ते तनाव के बीच अमरीकी दूत Jared Kushner ने इस पहल को बचाने के लिए 16 अगस्त को मिस्र में हमास के साथ सीधी बातचीत की। अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों का यह भी कहना है कि वर्तमान में इसराइली सेना ने गाजा पट्टी के लगभग 70% हिस्से पर कब्जा किया हुआ है, जिसके कारण स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है।
किन आठ देशों ने जारी किया संयुक्त बयान
इस संयुक्त निंदा पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले देशों में संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE, कतर, जॉर्डन, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, तुर्की, सऊदी अरब और मिस्र शामिल हैं। इन देशों का स्पष्ट मानना है कि फिलिस्तीनी राष्ट्रसत्व को स्पष्ट रूप से खारिज करना और शांति प्रस्ताव को न मानना क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर खतरा है।