Dubai: बुर्ज खलिफा बनाने वाले एममार के फाउंडर ने की भारतीयों की तारीफ, कहा- अनुशासन और मेहनत में कोई मुकाबला नहीं.

दुबई की दुनिया की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनियों में से एक Emaar Properties के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर Mohamed Alabbar ने भारतीय प्रोफेशनल्स की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा है कि भारतीय कर्मचारियों की काम के प्रति ईमानदारी, अनुशासन और भरोसा उन्हें बाकी लोगों से अलग बनाता है और यही खूबी कंपनियों को वैश्विक स्तर पर सफलता दिलाती है।
मई 2026 के समिट में रखी अपनी बात
मई 2026 में आयोजित "Make It in the Emirates" समिट के दौरान एममार के प्रमुख ने भारतीय कामगारों के बारे में खुलकर अपने विचार रखे। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी, जिसने बुर्ज खलिफा और दुबई मॉल जैसी दुनिया की सबसे खूबसूरत और बड़ी इमारतें बनाई हैं, अपने बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए काफी हद तक भारतीय टैलेंट पर निर्भर रहती है। उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय प्रोफेशनल्स हमेशा कंपनी के लिए अपनी क्षमता से बढ़कर काम करने को तैयार रहते हैं और जरूरत पड़ने पर अजीब और मुश्किल समय में भी तुरंत काम पर हाजिर होते हैं।
कड़ी मेहनत ही सफलता की असली चाबी
मोहम्मद अलाब्बार का मानना है कि किसी भी कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए केवल प्रतिभा काफी नहीं होती, बल्कि असली खेल मेहनत और काम को पूरा करने के तरीके से बनता है। उन्होंने साफ कहा कि जब टैलेंट मेहनत करना छोड़ देता है, तब कड़ी मेहनत ही मैदान मारती है। भारतीय कामगारों की यही लगातार काम करने की आदत और अनुशासन सीधे तौर पर कंपनी के अच्छे प्रदर्शन में मदद करती है।
संकट के समय काम आई भारतीय टीम की वफादारी
बातचीत के दौरान उन्होंने दुनिया भर में आए बड़े आर्थिक संकटों का भी जिक्र किया। साल 2008 का आर्थिक मंदी का दौर हो या फिर हाल ही में आया कोरोना वायरस यानी COVID-19 का समय, इन मुश्किल हालात में भी एममार कंपनी ने खुद को संभाले रखा। उन्होंने बताया कि कंपनी अपने कर्मचारियों की नौकरियां और वेतन बचाने में इसलिए कामयाब रही क्योंकि उनके पास एक समझदार, लचीली और पूरी तरह समर्पित टीम थी, जिसमें भारतीय प्रोफेशनल्स की भूमिका बहुत अहम थी।
भारत को बताया भविष्य का केंद्र
कंपनी के मुखिया ने भारत देश पर पूरा भरोसा जताते हुए उसे आने वाले समय की दुनिया का केंद्र बताया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से भारतीय युवा काम करते हैं और नई परिस्थितियों में खुद को ढाल लेते हैं, उससे साफ है कि भविष्य के व्यापारिक रास्ते बहुत मजबूत होने वाले हैं। गल्फ देशों में नौकरी करने वाले और वहां जाने की सोचने वाले आम भारतीयों के लिए यह बहुत बड़ी और गर्व की बात है, क्योंकि दुबई जैसे बड़े शहर के कारोबारी भी अब भारतीय मेहनत का लोहा मान चुके हैं।