UAE: बुर्ज खलीफा बनाने वाली कंपनी Emaar के मालिक मोहम्मद अलअब्बार ने की भारतीय प्रोफेशनल्स की तारीफ, कही बड़ी बात।

बुर्ज खलीफा जैसी दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बनाने वाली मशहूर कंपनी Emaar Properties के संस्थापक और मैनेजिंग डायरेक्टर Mohamed Alabbar ने एक बार फिर भारतीय प्रोफेशनल्स की जमकर तारीफ की है। उन्होंने भारतीय कामगारों की अनुशासन, ईमानदारी, काम के प्रति निष्ठा और उनकी कड़ी मेहनत की खुलकर सराहना की है। उनके ये विचार सोशल मीडिया पर फिर से काफी तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिसे लोग बहुत पसंद कर रहे हैं और इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
कड़ी मेहनत को मानते हैं सफलता की कुंजी
मोहamed अलअब्बार ने बताया कि भारतीय प्रोफेशनल्स में एक खास बात होती है कि वे हमेशा अपनी जिम्मेदारी से आगे बढ़कर काम करते हैं। उन्होंने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर रात के 1 AM बजे भी फोन उठाने और काम करने से भारतीय कर्मचारी पीछे नहीं हटते हैं। उनका मानना है कि किसी भी बिजनेस में सफलता सिर्फ ज्यादा बुद्धि या आईक्यू से नहीं मिलती, बल्कि इसके लिए लगातार मेहनत और छोटी से छोटी बात पर ध्यान देना बहुत जरूरी होता है। उन्होंने कहा कि उनका अपना आईक्यू सामान्य है, लेकिन उनकी मेहनत सबसे अच्छी है और वे कड़ी मेहनत में पूरा भरोसा रखते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जब टैलेंट मेहनत नहीं करता है, तब कड़ी मेहनत ही टैलेंट को पीछे छोड़ देती है। ये बातें उन्होंने सबसे पहले मई 2026 में अबू धाबी में हुए Make it in the Emirates summit के दौरान कही थीं, जो अब इंटरनेट पर फिर से चर्चा का विषय बन गई हैं।
संकट के समय कंपनियों का रुख और कर्मचारियों की सुरक्षा
कामकाज और प्रोफेशनल्स की तारीफ करने के साथ-साथ Mohamed Alabbar ने मुश्किल समय में कंपनियों की जिम्मेदारी पर भी खुलकर बात की। उन्होंने 2008 की मंदी और कोरोना वायरस यानी COVID-19 महामारी जैसे बड़े संकटों का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे उनकी कंपनी Emaar ने उस मुश्किल दौर का सामना किया था। उनके मुताबिक, संकट के समय में सबसे पहला काम यह होना चाहिए कि कर्मचारियों के मन से नौकरी और सैलरी को लेकर डर को खत्म किया जाए और उन्हें पूरा भरोसा दिलाया जाए।
हालांकि उनके इस बयान को जहां एक तरफ भारतीय कामगारों की मेहनत और लगन की बड़ी पहचान के रूप में देखा जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर इसको लेकर एक नई बहस भी शुरू हो गई है। कई लोग आज के समय में काम की जगहों पर जरूरत से ज्यादा उम्मीदें रखने और ऑफिस के बाद भी काम के दबाव को लेकर आपस में चर्चा कर रहे हैं। गल्फ देशों में काम करने वाले बहुत से प्रवासियों के लिए यह खबर काफी मायने रखती है क्योंकि इससे वहां की कंपनियों और काम करने के तरीकों पर खुलकर बात सामने आती है।