Strait of Hormuz: तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत खोलने की मांग की, तेल सप्लाई पर मंडराया संकट.

तुर्की के राष्ट्रपति Recep Tayyip Erdogan ने हाल ही में एक बड़ा बयान देते हुए Strait of Hormuz को तुरंत फिर से खोलने की अपील की है। उन्होंने कहा कि वैश्विक तेल प्रवाह को सुचारू रखना अंकारा की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में से एक है। 15 अगस्त 2026 को प्रसारित एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने साफ किया कि तुर्की और ईरान दोनों ही इस रणनीतिक जलमार्ग से आवाजाही बनाए रखने के पक्ष में हैं। उनका मानना है कि इस रास्ते के लगातार बंद रहने से किसी भी देश को कोई फायदा नहीं मिलने वाला है और इससे पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है। इस समय इस रूट से जहाजों की आवाजाही में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे आम जनता से लेकर व्यापारियों तक सभी चिंतित हैं।
शिपिंग ट्रैफिक में भारी गिरावट और पोर्टवॉच के आंकड़े
पोर्टवॉच के आंकड़ों के मुताबिक होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही बहुत कम हो गई है। संकट से पहले इस रास्ते से रोजाना 130 से ज्यादा जहाज गुजरते थे, लेकिन 15 अगस्त को केवल 2 जहाज ही रिकॉर्ड किए गए। इस गंभीर स्थिति के कारण तेल और अन्य जरूरी सामानों की सप्लाई पर गहरा असर पड़ा है। अमेरिका और ईरान के बीच इस रास्ते के नियंत्रण को लेकर लगातार तनाव बना हुआ है, जिसके चलते यह महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग युद्ध का मैदान जैसा बन गया है। ईरान के उप विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने घोषणा की थी कि यह जलडमरूमध्य पूरी तरह से ईरानी कमान के तहत है और इसे केवल उनकी शर्तों पर ही दोबारा खोला जाएगा।
अमेरिका और ईरान का तनाव और यूएई में हमले
दूसरी ओर, अमेरिका ने इस रास्ते पर अपनी नाकेबंदी बनाए रखी है, जिसकी वजह से 62 कमर्शियल जहाजों को अपना रास्ता बदलना पड़ा है और 14 अगस्त तक 2 जहाजों को बोर्ड भी किया गया है। इन बढ़ते तनावों के बीच, संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE ने एक हफ्ते के भीतर ADNOC के ऑयल टैंकर पर तीसरे हमले की सूचना दी है। इन घटनाओं से गल्फ देशों में रहने वाले लोगों और काम करने वाले प्रवासियों के मन में सुरक्षा को लेकर डर पैदा हो रहा है। खासकर भारत और अन्य देशों से गल्फ आने-जाने वाले यात्रियों और वहां काम करने वाले कामगारों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है कि आने वाले दिनों में हालात कैसे रहेंगे।
ओमान के साथ नए वैकल्पिक मार्ग की तैयारी
इन तमाम परेशानियों से निपटने के लिए अब ईरानी अधिकारी ओमान के साथ मिलकर बातचीत कर रहे हैं। वे एक नया और अस्थायी समुद्री शिपिंग रूट बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं, क्योंकि उनका कहना है कि पुराने और स्थापित रास्ते अब काम करने की स्थिति में नहीं हैं। इस नई व्यवस्था से उम्मीद की जा रही है कि कुछ हद तक व्यापारिक गतिविधियों को राहत मिलेगी। हालांकि, वर्तमान हालात इस बात की ओर इशारा करते हैं कि जब तक अमेरिका और ईरान के बीच समझौता नहीं होता, तब तक इस क्षेत्र में तनाव और सप्लाई चेन की दिक्कतें आम जनजीवन को प्रभावित करती रहेंगी।