यूरोपियन देशों का कड़ा फैसला, ईरान जंग के बीच ऑयल कंपनियों पर विंडफॉल टैक्स लगाने की मांग.

यूरोप के छह बड़े देशों ने मिलकर यूरोपीय संघ यानी EU से मांग की है कि तेल कंपनियों पर एक नया टैक्स लगाया जाए। इस साझा पहल को जर्मनी, इटली, ऑस्ट्रिया, पोलैंड, पुर्तगाल और स्पेन के मंत्रियों ने आगे बढ़ाया है। इन देशों का कहना है कि 28 फरवरी 2026 को ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू होने के बाद से ऑयल कंपनियों के मुनाफे में भारी उछल देखने को मिला है। इस संबंध में इन देशों के वित्त मंत्रियों ने आयरलैंड के वित्त मंत्री को एक संयुक्त पत्र भी भेजा है। इस पत्र में कहा गया है कि इस प्रस्ताव को सितंबर 2026 में डबलिन में होने वाली ईयू वित्त मंत्रियों की आगामी बैठक के एजेंडे में शामिल किया जाए, क्योंकि इस समय आयरलैंड के पास ईयू की घूर्णन अध्यक्षता है। मंत्रियों का तर्क है कि तेल कंपनियां ऐसे समय में भारी मुनाफा कमा रही हैं और रिफाइंड उत्पादों का मार्जिन कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी से कहीं ज्यादा आगे निकल गया है। उनका मानना है कि दुनिया के सामने दशकों के सबसे बड़े आपूर्ति संकटों में से एक चुनौती खड़ी है, जिसकी वजह से आम लोगों को जीवनयापन के बढ़ते खर्च को लेकर भारी नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है।
ऑयल कंपनियों के मुनाफे पर लगाम कसने की तैयारी
इस टैक्स को लागू करने की मांग करने वालों में जर्मनी के वित्त मंत्री Lars Klingbeil भी शामिल हैं। उनका सुझाव है कि ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों को मौजूदा संकट का फायदा उठाकर जरूरत से ज्यादा कमाई करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए और इस तरह की अतिरिक्त कमाई को वापस उपभोक्ताओं में वितरित किया जाना चाहिए। स्पेन के अर्थव्यवस्था मंत्री Carlos Cuerpo ने कीमतों में आ रही इस अस्थिरता की मुख्य वजह बाजार की गड़बड़ियों को बताया है। यह पूरा यूरोपीय गठबंधन साल 2022 में यूक्रेन पर हुए हमले के बाद लागू किए गए अस्थायी उपायों की तर्ज पर ही एक ईयू-व्यापी ढांचा तैयार करने की मांग कर रहा है। इस प्रस्तावित टैक्स के दायरे में दुनिया की बड़ी दिग्गज इंडस्ट्री शामिल हैं, जिनमें BP, Chevron, Eni, ExxonMobil, Shell और TotalEnergies जैसी कंपनियां मुख्य रूप से आती हैं।
मुनाफे के आंकड़े और वैश्विक असर
ऑक्सफैम की तरफ से जारी किए गए अनुमानों के मुताबिक, ये तमाम बड़ी कंपनियां साल 2026 के अंत तक मिलकर कुल 147 अरब यूरो यानी लगभग 171.2 अरब डॉलर तक का भारी मुनाफा कमा सकती हैं। ऑक्सफैम ने यह भी वकालत की है कि निवेश पर 10 प्रतिशत रिटर्न से ज्यादा होने वाले किसी भी मुनाफे पर कम से कम 50 प्रतिशत का स्थायी विंडफॉल टैक्स लगाया जाना चाहिए। अमेरिका और इस्राइल के संयुक्त सैन्य अभियानों की वजह से शुरू हुए इस संघर्ष ने होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाले समुद्री परिवहन को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिसके चलते तेल कंपनियों के राजस्व में यह अचानक बड़ा उछाल आया है। आम लोगों और नौकरीपेशा वर्ग के लिए यह स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण बनती जा रही है क्योंकि ऊर्जा के दाम बढ़ने से रोजमर्रा की जरूरतें भी महंगी हो रही हैं।