Expo 2030 Riyadh: फ्रांस बना पहला देश जिसने साइन किया सऊदी के साथ अनुबंध, पेरिस में बनी ऐतिहासिक सहमति।

Nura Basta25 August 20262 min read61 viewsSaudi
Expo 2030 Riyadh: फ्रांस बना पहला देश जिसने साइन किया सऊदी के साथ अनुबंध, पेरिस में बनी ऐतिहासिक सहमति।

सऊदी अरब की राजधानी रियाद में होने वाले बड़े वैश्विक आयोजन Expo 2030 Riyadh के लिए फ्रांस ने आधिकारिक तौर पर अपना पहला भागीदारी अनुबंध साइन कर लिया है। यह ऐतिहासिक हस्ताक्षर 25 अगस्त 2026 को उस समय हुआ जब सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री His Royal Highness Prince Mohammed bin Salman bin Abdulaziz Al Saud फ्रांस की राजकीय यात्रा पर गए थे। फ्रांस की तरफ से यह अनुबंध Compagnie Française des Expositions (COFREX) के चेयरमैन Jacques Maire ने साइन किया। इस कदम से आने वाले इस ग्लोबल इवेंट को लेकर दुनिया भर के देशों में काफी उत्साह देखा जा रहा है और तैयारियां भी तेज हो गई हैं।

पेरिस में हुआ विशेष समझौता और फ्रेमवर्क तैयार

इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के दौरान पेरिस में सऊदी अरब और Bureau International des Expositions (BIE) के बीच प्रिविलेज एंड बेनिफिट्स एग्रीमेंट यानी SEE समझौते पर भी मुहर लगी। इस समझौते को 16 जून 2026 को BIE द्वारा मंजूरी दी गई थी, जो सभी अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों के लिए कानूनी और प्रशासनिक ढांचा तैयार करता है। इस महत्वपूर्ण दस्तावेज पर सऊदी अरब के विदेश मंत्री Prince Faisal bin Farhan Al Saud और BIE के महासचिव Dimitri S. Kerkentzes ने हस्ताक्षर किए। इस समझौते के लागू होने से आने वाले देशों को किसी भी तरह की कागजी कार्रवाई या प्रशासनिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा और उनका काम बहुत आसान हो जाएगा।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

द्विपक्षीय संबंधों को मिलेगा बढ़ावा और निवेशकों की बैठक

फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के बीच यह सहमति बनी कि फ्रांस की इस प्रदर्शनी में भागीदारी दोनों देशों के आपसी संबंधों का मुख्य केंद्र बनेगी, जिसमें दोनों राष्ट्रों के प्रमुख संगठन शामिल होंगे। Expo 2030 Riyadh Company के मुख्य कार्यकारी अधिकारी Talal Al-Marri ने बताया कि इस कदम से इस आयोजन के पीछे एक मजबूत गतिशीलता दिखाई देती है। इसके अलावा, तलल अल-मरी ने पेरिस में आयोजित एक फ्रांसीसी-सऊदी निवेश गोलमेज सम्मेलन में भी हिस्सा लिया, जहां परियोजनाओं के वित्तपोषण और बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

प्रतिभागियों को मिलेंगी विशेष सुविधाएं और तीन अलग मॉडल

यह SEE समझौता सभी आने वाले देशों और मेहमानों के लिए एक सरल अनुभव सुनिश्चित करता है, जिसके तहत वीजा की व्यवस्था, टैक्स और कस्टम में छूट, और तकनीकी सहायता जैसी सुविधाएं शामिल हैं। कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले देश अपनी जरूरत और क्षमता के अनुसार तीन अलग-अलग मॉडलों में से किसी एक को चुन सकेंगे। इन मॉडलों में स्वयं निर्मित यानी self-built पवेलियन, किराए पर मिलने वाले रेंटेड पवेलियन, या फिर छोटे देशों के लिए पार्टनरशिप पवेलियन शामिल हैं। यह भव्य आयोजन 1 अक्टूबर 2030 से शुरू होकर 31 मार्च 2031 तक चलेगा। दोनों देशों के बीच यह आपसी सहयोग केवल प्रदर्शनी तक सीमित नहीं है, बल्कि रक्षा, स्वास्थ्य सेवा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उभरती हुई तकनीकों जैसे कई सेक्टरों में भी आगे बढ़ेगा।

Share:

Comments

Leave a comment