Gaza Airstrikes: इसराइल के हमलों में 7 लोगों की मौत, संघर्षविराम का उल्लंघन जारी

गाजा पट्टी में इसराइली सैन्य हमलों और टैंक की गोलीबारी के कारण 25 अगस्त 2026 को कम से कम सात लोगों की मौत हो गई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। अल जजीरा और स्थानीय अस्पताल के सूत्रों ने इस बात की जानकारी दी है। इन हमलों ने पूरे इलाके में तनाव को और बढ़ा दिया है, जिससे आम लोगों की जिंदगी पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है।
विभिन्न इलाकों में हुए हमले
इसराइली सेना ने गाजा के अलग-अलग हिस्सों को निशाना बनाया। इसमें बुरीजी शरणार्थी शिविर की एक रिहायशी इमारत भी शामिल थी, जहां एक चार साल के बच्चे समेत कई नागरिकों की जान चली गई। इसके अलावा शेख रादवान बाजार के पास एक डिसैलिनेशन प्लांट, सहायता गोदामों और मस्जिदों पर भी हमले किए गए।
इसराइली सैन्य अधिकारियों ने दावा किया कि शाती शरणार्थी शिविर और दीर अल-बलह में किए गए हमले खासतौर पर हमास के हथियार भंडारण स्थलों को निशाना बनाकर किए गए थे। उनका कहना था कि वहां कलाश्निकोव राइफल और अन्य सैन्य उपकरण रखे हुए थे। दूसरी ओर, फिलिस्तीनी अधिकारियों और हमास के प्रवक्ता हाजेम कासिम ने इन कार्रवाइयों की कड़ी निंदा की। हमास ने डिसैलिनेशन प्लांट को नष्ट किए जाने को नरसंहार की नीति करार दिया और कहा कि इसका मकसद गाजा पट्टी को रहने लायक न छोड़ना है।
संघर्षविराम और कूटनीतिक प्रयास
फिलिस्तीनी प्रतिनिधियों ने बताया कि इस तरह की लगातार हिंसक घटनाएं उस मौजूदा संघर्षविराम समझौते को कमजोर कर रही हैं, जिसकी देखरेख मिस्र, तुर्की, कतर और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प कर रहे हैं। हालांकि यह संघर्षविराम पिछले साल अक्टूबर से लागू है, लेकिन इसके बावजूद पूरी तरह से हिंसा नहीं रुक पाई है। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, जब से यह समझौता शुरू हुआ है तब से कम से कम 1,288 फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय ने दीर अल-बलह में अपने गोदामों को हुए नुकसान की पुष्टि की है और आम नागरिकों के बुनियादी ढांचे की रक्षा करने की बात दोहराई है। इस हिंसा से पहले अमेरिकी वार्ताकार जारेड कुशनर ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से क्षेत्र में सैन्य अभियानों का दायरा कम करने का अनुरोध किया था।