गाजा में इसराइली घेराबंदी से महिलाओं का हाल बेहाल, स्तन कैंसर के इलाज पर लगा भारी संकट.

Sushma Kumari18 August 20262 min read75 viewsWorld
गाजा में इसराइली घेराबंदी से महिलाओं का हाल बेहाल, स्तन कैंसर के इलाज पर लगा भारी संकट.

गाजा पट्टी में स्तन कैंसर से जूझ रही फलस्तीनी महिलाओं के सामने एक बहुत बड़ा जीवन मरण का संकट खड़ा हो गया है। जारी संघर्ष और इसराइली घेराबंदी की वजह से महिलाओं की जरूरी जांच और इलाज की सेवाएं पूरी तरह से बंद हो गई हैं। Al Jazeera English की 18 अगस्त 2026 को छपी रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध की वजह से मेडिकल सुविधाओं तक पहुंच पूरी तरह से खत्म हो चुकी है, जिनकी मदद से इस खतरनाक बीमारी का पता लगाया जाता है और इसका इलाज किया जाता है। World Health Organization (WHO) के आंकड़ों के मुताबिक, इस इलाके में लगभग 10,000 सक्रिय कैंसर के मामले हैं और हर साल 2,000 से ज्यादा नए मामले सामने आते हैं, जिनमें स्तन कैंसर बहुत ज्यादा संख्या में शामिल है।

इलाज के लिए बाहर जाने पर रोक

गाजा कैंसर सेंटर के मेडिकल डायरेक्टर Dr. Mohammed Abu Nada ने बताया कि लगभग 4,000 मरीजों को इस समय बाहर इलाज के लिए जाने की अनुमति नहीं मिल रही है, जिसे उन्होंने सीधे तौर पर मौत की सजा के बराबर बताया है। मेडिकल सिस्टम कितना ज्यादा खराब हो चुका है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इलाके में एक भी MRI मशीन नहीं बची है, जबकि पहले ऐसी सात मशीनें हुआ करती थीं। अंतरराष्ट्रीय सहयोग और योजना के महानिदेशक Dr. Ahmed Shatat जैसे डॉक्टरों को अब बिना जरूरी जांच उपकरणों के ही तुरंत और कई बार जान बचाने के लिए सर्जरी करनी पड़ रही है। देइर अल-बलाह के याफा मेडिकल अस्पताल की डॉक्टर Dr. Hala al-Buhaisi ने बताया कि महिलाएं बहुत ज्यादा एडवांस स्टेज में अस्पताल पहुंच रही हैं, क्योंकि वे लगातार थकान और इलाज न मिलने की समस्या से जूझ रही हैं।

अस्पतालों पर हमले और दवाइयों की कमी

अल-अक्सा शहीदों के अस्पताल में दवाइयों का गोदाम नष्ट होने के बाद हालात और ज्यादा खराब हो गए हैं, और गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि मेडिकल सेंटर अब पूरी तरह से बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। WHO ने अक्टूबर 2023 से लेकर अब तक स्वास्थ्य केंद्रों पर लगभग 1,000 हमलों का दस्तावेजीकरण किया है, जिनकी वजह से 1,000 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है और 1,700 लोग घायल हुए हैं। WHO के मानवीय और आपदा प्रबंधन निदेशक Altaf Musani ने बताया कि अकेले जनवरी से अगस्त 2026 के बीच ही ऐसे 900 से ज्यादा हमले हुए। नाकेबंदी को खत्म करने के लिए प्रयास लगातार जारी हैं, जिसमें ब्रिटेन से 17 अगस्त 2026 को रवाना हुआ एक गाजा-बाउंड फिला भी शामिल है, जिसका मकसद गंभीर स्वास्थ्य सेवाओं की कमी से जूझ रहे लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाना है, जैसा कि PMC Research Article में बताया गया है।

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